- मणिपुर के कमजोंग और उखरूल जिलों में हिंसा के कारण तीन नई मौतें हुईं और कई मकान व दुकानें जला दी गईं
- कांगपोकपी जिले में बढ़ते तनाव के कारण 24 घंटे का बंद लागू किया गया है
- पुलिस ने संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में हुई मौतों की जांच शुरू कर दी है
मणिपुर के कमजोंग और उखरूल जिलों में हिंसा लगातार गंभीर रूप लेती जा रही है. शनिवार को अलग-अलग घटनाओं में तीन और लोगों की मौत की खबर सामने आई, जबकि चासाद क्षेत्र में कम से कम 10 घरों और 20 दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया. बढ़ते तनाव के बीच कांगपोकपी जिले में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया गया है और प्रशासन ने कई इलाकों में सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए हैं.
जानकारी के अनुसार, कमजोंग जिले के चासाद में शनिवार सुबह संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में 23 वर्षीय माइकल नगाममिनलेन हाओकिप की मौत हो गई. इससे पहले शुक्रवार रात करीब 9:40 बजे गोली लगने से घायल पांच बच्चों की मां डोमखोनेई तौथांग ने दम तोड़ दिया था. उधर, उखरूल जिले के टीएम कासोम के निकट याओलेन क्षेत्र में 40 वर्षीय संदीप राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई. बताया गया कि वह जिस चार पहिया वाहन को चला रहे थे, उस पर घात लगाकर हमला किया गया. गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.
दो नागा ग्रामीणों की हत्या
इसी बीच मणिपुर-म्यांमार सीमा से लगे कमजोंग जिले के निंगचौ गांव में भी दो नागा ग्रामीणों की हत्या कर दी गई. मृतकों की पहचान 35 वर्षीय नगाचांसो निंगशेन और 48 वर्षीय लीशीशान लीशादांग के रूप में हुई है. हमलावरों की पहचान और हमले के कारणों को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है. इन घटनाओं के बाद मौजूदा हिंसा में मरने वालों की संख्या कम से कम पांच पहुंच गई है, जिनमें चार मौतें कमजोंग और एक उखरूल जिले में हुई हैं. हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने दावा किया है कि राज्य में एक ही दिन में सात लोगों की जान गई है.

manipur violence kamjong ukhrul five dead chassad arson cm khemchand appeal
चासाद में आगजनी से बढ़ा तनाव
शनिवार सुबह चासाद और इसके आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर आगजनी की घटनाएं सामने आईं. प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक कम से कम 10 मकान और 20 दुकानें जला दी गईं. लगातार गोलीबारी और आगजनी से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है. अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने लोग विस्थापित हुए हैं और कुल नुकसान कितना हुआ है. बढ़ती हिंसा के विरोध में कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी, सदर हिल्स ने शनिवार शाम 6 बजे से कांगपोकपी जिले में 24 घंटे के पूर्ण बंद का ऐलान किया है. संगठन ने चासाद, उखरूल के याओलेन और इम्फाल-तेंगनौपाल रोड पर हुई घटनाओं को लेकर गहरी चिंता जताई है. बंद के दौरान आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को छूट दी गई है.
केडब्ल्यूयू ने की FIR और स्वतंत्र जांच की मांग
कुकी वर्कर्स यूनियन ने डोमखोनेई तौथांग और माइकल नगाममिनलेन हाओकिप की हत्या की निंदा करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 103 और 105 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. संगठन ने संबंधित आईआरबी चौकी को हटाने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग उठाई है.
It is reported that eight people have been killed in fresh Manipur violence, including members of the Kuki community and NSCN-IM cadres. Allegations of political backing, continued destruction, and the failure to ensure security raise urgent questions about accountability. As protesters target a police station in anger, who will answer for the bloodshed and protect vulnerable Christian minorities?
— Roshini Sen (@RoshiniSen_in) October 10, 2026
बीरेन सिंह ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि कमजोंग के निंगचौ गांव, माकुई-इम्फाल-तामेंगलोंग रोड और चासाद में हुई हिंसक घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि कमजोंग में एक पुलिस थाने को आग के हवाले कर दिया गया तथा कांगपोकपी जिले के माकुई अशांग गांव के दो नागा निवासी लापता बताए जा रहे हैं. संदीप राय की हत्या का जिक्र करते हुए बीरेन सिंह ने कहा कि हिंसा अब विभिन्न समुदायों तक फैलती दिखाई दे रही है और निर्दोष नागरिक इसकी कीमत चुका रहे हैं. उन्होंने अवैध हथियारों की बरामदगी, उग्रवादी संगठनों के खिलाफ सख्त अभियान और भारत-म्यांमार सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की.
मुख्यमंत्री खेमचंद ने की शांति बनाए रखने की अपील
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने भी हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताते हुए निर्दोष नागरिकों की हत्या की कड़ी निंदा की है. सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में उन्होंने कहा कि कमजोंग और कांगपोकपी जिलों में हुई हिंसा के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को स्थिति नियंत्रण में लाने, शांति और कानून व्यवस्था बहाल करने तथा सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है. उन्होंने विभिन्न समुदायों के जनप्रतिनिधियों और नागरिक समाज संगठनों से संयम बरतने तथा हालात सामान्य बनाने में सहयोग करने की अपील की. खेमचंद सिंह ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को शांति, संवाद और सौहार्द को प्राथमिकता देनी चाहिए.
प्रशासन ने लगाया प्रतिबंध
बिगड़ते हालात को देखते हुए कमजोंग जिला प्रशासन ने चासाद पुलिस गेट जंक्शन के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है. जिला मजिस्ट्रेट एल.एन. काशुंग ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, हथियार लेकर चलने और निर्धारित क्षेत्र में घरों से बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगाया है. ये आदेश अगले निर्देश तक लागू रहेंगे. सुरक्षा बलों, ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेटों, आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मियों और विशेष अनुमति प्राप्त लोगों को इससे छूट दी गई है. वहीं, कुकी-जो वूमेन्स फोरम (दिल्ली-एनसीआर) ने डोमखोनेई तौथांग की हत्या की निंदा करते हुए निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और उनके परिवार, विशेषकर पांच बच्चों के लिए सहायता की मांग की है.
यह भी पढ़ें- JNU से पढ़कर IPS बनीं श्रुति श्रीवास्तव, 24 की उम्र में क्रैक की UPSC, रवीना टंडन का लिया इंटरव्यू
यह भी पढ़ें- बचपन kमें अनाथ हुईं IPS अंशिका जैन, UPSC की तैयारी में दादी को भी खोया, अब जगदलपुर की CSP
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं