- TMC ने बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 52 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जो पार्टी की नई राजनीतिक पहचान है
- CM ममता बनर्जी खुद भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी, जो महिला नेतृत्व को केंद्र में रखने का संकेत है
- TMC की सूची में मंत्री शशि पांजा, लवली मित्रा, चंद्रिमा भट्टाचार्य और अभिनेत्री सायंतिका जैसे प्रमुख नाम शामिल
देश की राजनीति में जहां अब भी चुनावी मैदान में महिलाओं की भागीदारी सीमित मानी जाती है, वहीं ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर इस ट्रेंड के खिलाफ जाती नजर आ रही है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए जारी उम्मीदवारों की सूची में पार्टी ने 52 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है. यह कदम तृणमूल की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जो अब सिर्फ चुनावी गणित नहीं बल्कि उसकी नई राजनीतिक पहचान बन चुकी है. महिला उम्मीदवारों की इस सूची की अगुवाई खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कर रही हैं, जो एक बार फिर से कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी. सीएम ममता बनर्जी का मैदान में उतरना पार्टी की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें महिला नेतृत्व को केंद्र में रखा गया है.
कई बड़े महिला चेहरे भी चुनावी मैदान में
टीएमसी की महिला उम्मीदवारों की सूची में कई अहम नाम शामिल हैं. इनमें मंत्री शशि पांजा, लवली मित्रा, चंद्रिमा भट्टाचार्य, श्रेया पांडे, नायना बंद्योपाध्याय और अभिनेत्री सायंतिका जैसी प्रमुख हस्तियां शामिल हैं. इनके अलावा भी कई अन्य महिला नेताओं को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है. 52 महिला उम्मीदवारों का आंकड़ा सिर्फ संख्या के लिहाज से ही नहीं, बल्कि देश की अधिकांश बड़ी राजनीतिक पार्टियों से तुलना करने पर भी अहम माना जा रहा है. आमतौर पर चुनावी सूचियों में महिलाओं की हिस्सेदारी सीमित रहती है, लेकिन टीएमसी ने महिला प्रतिनिधित्व को लगातार अपने संगठनात्मक और चुनावी एजेंडे के केंद्र में रखा है.
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पहले भी दिख चुकी है महिला प्रतिनिधित्व की झलक
गौर करने वाली बात ये है कि तृणमूल का यह रुख नया नहीं है. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के चुने गए सांसदों में से करीब 38 फीसदी महिलाएं थीं, जो मौजूदा लोकसभा में प्रमुख राजनीतिक दलों में सबसे अधिक अनुपात माना गया. साथ ही पार्टी ने वर्षों से बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं से लेकर मंत्रियों, सांसदों और संगठन के अहम पदों तक महिलाओं को आगे बढ़ाया है.
ममता बनर्जी की नेतृत्व शैली से जुड़ा राजनीतिक संदेश
तृणमूल की यह राजनीतिक संस्कृति काफी हद तक ममता बनर्जी की नेतृत्व शैली से जुड़ी मानी जाती है. सीएम ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की इकलौती महिला मुख्यमंत्री हैं और स्वतंत्र भारत में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद संभालने वाली महिला नेताओं में शामिल हैं. पार्टी के भीतर उनकी राजनीतिक यात्रा को अक्सर इस बात के प्रमाण के तौर पर पेश किया जाता रहा है कि पुरुष‑प्रधान राजनीतिक व्यवस्था में महिलाएं भी सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकती हैं, और उम्मीदवारों की यह सूची उसी संदेश को दोहराती है.
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रणनीति और विचारधारा, दोनों का मेल
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवार उतारने का फैसला विचारधारात्मक और रणनीतिक, दोनों ही स्तरों पर लिया गया है. हाल के वर्षों में महिला मतदाताओं ने तृणमूल की चुनावी सफलता में अहम भूमिका निभाई है और नेतृत्व इस जुड़ाव को बनाए रखने के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना चाहता है. साथ ही, यह कदम पार्टी की उस कोशिश को भी मजबूत करता है, जिसमें वह खुद को पारंपरिक सत्ता संरचनाओं से अलग और सामाजिक रूप से समावेशी दिखाना चाहती है.
महिला भागीदारी को लेकर स्पष्ट संदेश
52 महिला उम्मीदवारों के साथ चुनावी मैदान में उतरकर तृणमूल कांग्रेस ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी के लिए महिला भागीदारी केवल नारा नहीं, बल्कि एक राजनीतिक लाइन है, जिसे वह हाल के वर्षों की सबसे कठिन चुनावी लड़ाइयों में भी बनाए रखना चाहती है.
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