महाराष्ट्र के यवतमाल जिले से साइबर अपराध का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. आर्णी तहसील की एक छोटी सी ग्राम पंचायत के सरकारी सिस्टम को हैक कर हजारों फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. इस मामले में पुलिस ने बिहार से एक 20 साल के युवक को गिरफ्तार किया है.
क्या है पूरा मामला?
मामले का खुलासा तब हुआ जब जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुभाष धोले ने आर्णी तहसील की शेंदुरसनी ग्राम पंचायत के 'सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम' CRS की जांच की. जांच में पाया गया कि जिस गांव की कुल आबादी महज 1,400 के करीब है, वहां पिछले कुछ ही महीनों के भीतर 27,000 से ज्यादा जन्म प्रमाणपत्र और 7 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए. इतनी बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन देखकर पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई.
बिहार से दबोचा गया आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता ने जांच का जिम्मा साइबर सेल और उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनेश बैसाने को सौंपा. तकनीकी जांच और डिजिटल फुटप्रिंट का पीछा करते हुए यवतमाल पुलिस की एक टीम बिहार पहुंची. वहां से 20 वर्षीय आदर्श कुमार दुबे को धर दबोचा गया. आरोपी ने सरकारी सर्वर में सेंध लगाकर देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए ये फर्जी प्रमाणपत्र जारी किए थे.
पुलिस के अनुसार, यह सिर्फ एक छोटे स्तर की धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह हो सकता है. पकड़े गए आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे 12 जनवरी तक पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है.
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