- महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने खुल्दाबाद में स्थित औरंगजेब की कब्र जल्द हटाने का दावा किया है
- उन्होंने कब्र हटाने की तारीख तय होने की बात कही लेकिन उस तारीख का खुलासा नहीं किया
- औरंगजेब की कब्र को लेकर महाराष्ट्र में लंबे समय से राजनीतिक विवाद और मांगें चल रही हैं
क्या इतिहास के इस क्रूर मुगल शासक औरंगजेब की महाराष्ट्र के औरंगाबाद स्थित कब्र हटने वाली है? ये सवाल इसलिए क्यों कि महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने ये दावा किया है.उन्होंने दावा किया है कि खुल्दाबाद में मौजूद औरंगजेब की कब्र जल्द हटने वाली है. इसे हटाने की तारीख भी तय हो चुकी है. हालांकि उन्होंने इस तारीख का खुलासा करने से इनकार कर दिया. ये पहली बार नहीं है जब ये मुद्दा उठा है. औरंगजेब की कब्र को हटाने को लेकर महाराष्ट्र में लंबे समय से सियासी घमासान चल रहा है.
औरंगजेब की कब्र हटाने का दावा
साल 2025 में भी औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग तेजी से उठी थी. बीजेपी और हिंदुत्व संगठनों ने इसे हटाने की मांग की थी. जिसके बाद कब्र की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. अब नीतेश राणे ने कब्र हटाने की बात कहकर एक बार फिर से इस मुद्दे को हवा दे दी है. साथ ही उन्होंने खुद भी औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को दोहराया. उन्होंने गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर में एक कार्यक्रम में यह बात कही.उन्होंने कहा कि वह फिलहाल कब्र हटाने की तारीख नहीं बताएंगे. फडणवीस जानते हैं कि ये खबर कब देनी है.

49 साल तक किया दिल्ली पर राज
18वीं सदी में औरंगजेब सबसे ताकतवर मुगल शासक था. 319 साल पहले 3 मार्च 1707 में 88 साल की उम्र में उसकी मौत हुई थी. उस वक्त वह बहुत बीमार था. उसे तेज बुखार था.उसके शरीर ने तो पहले ही साथ लेना बंद कर दिया था. इस मुगल शासक ने 49 साल तक दिल्ली पर राज किया. उसको महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर, जो कि पहले औरंगाबाद था, के पास खुल्दाबाद में दफनाया गया था.
खुले आसमान के नीचे हैं औरंगजेब की कब्र
गौर करने वाली बात यह है कि जहां हुमायुं, अकबर जैसे मुगल शासकों की कब्रों के ऊपर शानदार मकबरे बने हैं वहीं औरंगजेब की कब्र खुले आसमान के नीचे है. इतिहासकार बताते हैं कि उसने खुद ये इच्छा जताई थी कि मौत के बाद उसको बहुत ही सादगी के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाए. उसे बहुत सादगी के साथ सूफी संत शेख जैनुद्दीन शिराजी की दरगाह के पास दफनाया जाए. पिछले तीन सदी से औरंगजेब की कब्र खुल्दाबाद में मौजूद है.अब इसे हटाने की बात नितेश राणे ने कही है.
औरंगजेब की कब्र तोड़ना कितना आसान?
नितेश राणे भले ही औरंगजेब की कब्र हटाने की बात कह रहे हों लेकिन ये महाराष्ट्र सरकार के लिए इतना आसान नहीं है. दरअसल ये जगह आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया यानी कि ASI के तहत संरक्षित स्मारक है. कोई भी एक्शन कानून के दायरे में ही लेना होगा. कानून के मुताबिक, किसी भी संरक्षित स्मारक को हटाना या नुकसान पहुंचाना कानून गैरकानूनी होता है. इसके लिए सजा का भी प्रावधान है. इसको संरक्षित स्मारक की लिस्ट से हटाने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार के पास है. तोड़ना, नुकसान पहुंचाना या हटाना गैरकानूनी है. इसका उल्लंघन करने पर सजा हो सकती है. महाराष्ट्र सरकार या कोई भी राज्य सरकार इसे अपने से फैसला लेकर नहीं हटा सकती.किसी भी स्मारक को संरक्षित सूची से निकालने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार के पास है.
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