- प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचत अपील के बाद सरकार के सभी विभाग इसे लागू करने में सक्रिय हो गए हैं.
- ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने अपने काफिले से अतिरिक्त गाड़ियां हटा दी हैं और ईवी वाहन का उपयोग करेंगे.
- ऊर्जा मंत्रालय में सोमवार से 20 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे, इसके लिए रोस्टर तैयार किया जा रहा है.
ईंधन बचत के लिए PM मोदी की अपीलों के बाद सरकार के सभी महकमे इसे अमली जामा पहनाने में जुट गए हैं. अधिकांश मंत्रियों और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने काफिले में कटौती से लेकर विदेश यात्राएं रोकने जैसे कई कदम उठाए हैं. इसी दिशा में ऊर्जा मंत्रालय ने भी कुछ नई पहल की हैं. केंद्रीय ऊर्जा और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने अपने काफिले से बाकी गाड़ियां हटा कर अब केवल दो गाड़ियां रखी हैं. उनके लिए अब एक ईवी गाड़ी भी तैयार की जा रही है. प्रधानमंत्री ने कहा है कि नई ईवी गाड़ी न खरीदी जाए. इसलिए मौजूदा ईवी गाड़ियों में से ही एक में जल्दी ही मनोहर लाल यात्रा करते नजर आएंगे. उन्होंने दिल्ली से बाहर की यात्राएं ट्रेन से करने का फैसला किया है.
20 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा
ऊर्जा मंत्रालय में भी ईंधन बचत के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार सोमवार से 20 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे. इसके लिए रोस्टर बनाया जा रहा है, ताकि सप्ताह के हर दिन 20 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा जा सके. साथ ही, सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मेट्रो का अधिकतम उपयोग करने के लिए कहा गया है. मंत्रालय से जुड़ी सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों और अधिकारियों को भी ऐसा ही करने के लिए कहा गया है. लेकिन वर्क फ्रॉम होम साइट पर काम करने वाले कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा, क्योंकि वहां उनकी मौजूदगी जरूरी होती है
क्या है ऊर्जा मंत्रालय की नई स्कीम?
ऊर्जा मंत्रालय ने अपने कर्मचारियों को कार के प्रयोग को लेकर एक अनूठी पहल की है. इसके तहत उन्हें अपनी और परिवार में अगर कोई और कार है, तो उसका विवरण देने को कहा गया है. वे स्वैच्छिक रूप से इसका हिस्सा बन सकते हैं. इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा. पंजीकरण के बाद उन्हें अपनी कार के माइलोमीटर की रीडिंग का फोटो अपलोड करना होगा. महीने के अंत में सभी पंजीकृत कर्मचारियों और अधिकारियों के वाहन की रीडिंग देखी जाएगी. जिसने सबसे कम कार चलाई होगी, उसे नकद इनाम दिया जाएगा. भाग लेने वाले अन्य लोगों को भी कार की रीडिंग के हिसाब से इनाम दिया जाएगा. यह राशि 5 सौ रुपये से लेकर ढाई हजार रुपए तक हो सकती है.
मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार इस योजना का उद्देश्य लोगों को सार्वजनिक परिवहन के साधनों को प्रयोग के लिए प्रोत्साहित करना है. सरकार का मानना है कि मौजूदा संकट में बड़ी चुनौती विदेशी मुद्रा भंडार पर विपरीत असर न होने देना है. इसके लिए ईंधन की खपत कम करना एक बड़ा लक्ष्य है जिसका आव्हान प्रधानमंत्री ने किया है.
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