पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद तृणमूल कांग्रेस छोड़ कर NCPI पार्टी में शामिल हुए कूचबिहार लोकसभा के सांसद ने अब बीजेपी में शामिल होने की बात कह कर बंगाल की राजनीति में अटकलों को और बढ़ा दिया है. सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया का दावा है कि कानूनी अड़चनें खत्म होते ही बीजेपी में शामिल होने में कोई बाधा नहीं है.
सायोनी घोष समेत 20 सांसद जो तृणमूल कांग्रेस छोड़ कर NCPI में शामिल हुए थे और एनडीए को समर्थन दिया था, उनमें से 17 सांसद सीधे बीजेपी में शामिल हो सकते हैं, इस अटकल को भी जगदीश बर्मा बसुनिया ने हवा दी है.
ममता बनर्जी पर साधा निशाना
सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया ने सोमवार को सीताई स्थित अपने घर के कार्यालय में पत्रकारों के सामने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से केंद्र सरकार की योजनाओं के नाम बदल देने के कारण केंद्र सरकार ने उस समय राज्य को आर्थिक आवंटन नहीं किया था. कोई मीटिंग होती थी तो वहां भी ममता बनर्जी अकेले ही फैसला लेती थीं, किसी और को अपनी राय देने का अधिकार नहीं था.
उल्लेखनीय है कि रविवार सुबह सांसद के सीताई स्थित घर लौटने पर स्थानीय लोगों ने कई बार विरोध प्रदर्शन किया था. सांसद के पुराने तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय के अंदर आग लगा दी गई थी. सोमवार को सीधे बीजेपी में शामिल होने की बात कह कर जगदीश बर्मा बसुनिया ने अटकलों को और बढ़ा दिया है.
बागियों ने कब छोड़ी थी पार्टी?
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों ने 14 जून 2026 को पार्टी छोड़ी थी और त्रिपुरा की एक क्षेत्रीय पार्टी 'नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में अपने दल का विलय कर लिया था.
बागी सांसदों का आरोप था कि ममता बनर्जी के शासनकाल में उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त फंड और केंद्रीय मंत्रियों से मिलने की आजादी नहीं मिल रही थी. इसके अलावा बागी सांसदों ने नेतृत्व को लेकर भी असंतोष जताया था.
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