- कोलकाता चोरबागान दुर्गा पूजा समिति के पूर्व सेक्रेटरी ने पंडाल को लेकर बड़ा खुलासा किया है
- जयनता बनर्जी ने कहा कि वह12 सालों से पूजा का आयोजन कर रहे थे, लेकिन इस साल उनको हटा दिया गया
- इस साल प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को काम पर नहीं रखा गया जिससे व्यवस्थाओं में कई कमियां और गड़बड़ियां हुईं
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पंडाल में शनिवार रात बारिश के बीच आखिर भगदड़ के हालात पैदा कैसे हुए, जब कि उस पंडाल में हल साल बड़े स्तर पर दुर्गा पूजा का आयोजन होता है. फिर इस बार ऐसा क्या हुआ जो हालात बेकाबू हो गए, इसे लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. पिछले 12 सालों से क्लब में दुर्गा पूजा का आयोजन करते आ रहे पूर्व जनरल सेक्रेटरी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. आखिर बड़े स्तर पर व्यवस्था के बाद भी पंडाल में भगदड़ कैसे मची और 19 लोगों की मौत कैसे हो गई इस पर उन्होंने कई बड़े आरोप लगाए हैं.
चोरबागन दुर्गा पूजा समिति पर बड़ा खुलासा
चोरबागन दुर्गा पूजा समिति के पूर्व महासचिव, जयनता बनर्जी ने दुर्गा पंडाल समिति के भारी कुप्रबंधन का खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि इस साल बनाई गई समिति के सभी सदस्य अनजान लोग थे. नई टीम में से कोई भी व्यक्ति चोरबागन का नहीं था. इस वजह से पुरानी समिति को भंग करना पड़ा. उन्होंने कहा कि हमारे पास प्रशिक्षित वॉलंटियर्स हैं, जो चोरबागन दुर्गा पूजा में भीड़ को संभालते हैं. लेकिन इस बार उन प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को काम पर नहीं रखा गया.
व्यवस्थाओं में कई कमियां और गड़बड़ियों का खुलासा
उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान बारिश होना कोई नई बात नहीं है. वह पिछले 12 सालों से पूजा का आयोजन कर रहे थे. लेकिन पूजा से ठीक पहले उनसे इस्तीफा देने के लिए कहा गया, जबकि उस समय तक पंडाल की तैयारी शुरू हो चुकी थी. इस साल दुर्गा पूजा की जिम्मेदारी ऐसे लोगों को सौंप दी गई, जिनका क्लब से कोई लेना-देना नहीं था. जयनता बनर्जी ने कहा कि इस साल दुर्गा पूजा की व्यवस्थाओं में कई कमियां और गड़बड़ियां थीं.
उन्होंने कहा कि किसकी चूक और किसकी भूल ये तो मुझे नहीं पता, क्यों कि मैं इस पूजा में नहीं हूं.मुझे पूजा छोड़ने को कहा गया गया था. मैं 12 सालों से पूजा का इंतजाम कर रहा था. कभी किसी को कॉलर पकड़ने की जरूरत नहीं पड़ी.हम ज्यादा भीड़ मैनेज कर लेते थे. लेकिन कल जो हुआ वह भयावह है. क्लब के अंदर जगन्नाथ भगवान की प्रतिमा थी, जिसकी प्रतिष्ठा पुरी से ले जाकर की गई थी. आदेश मिलने पर उसे मजबूरन तोड़ना पड़ा. तब मैने ये कहा था कि जो भी ये करेगा उसे खामियाजा भुगतना पड़ेगा. पूजा से पहले मैंने एक बात बार-बार कही थी कि ये मां बहुत ही जागृत हैं. आज तक यह अपनी जगह से कभी नहीं हटी हैं.जब-जब इसे हटाया गया है तब-तब कुछ न कुछ हुआ है.उन्होंने कहा कि मां की मूर्ति एक जगह से टूटी हुई है. पहले जब बुलडोजर चला था तब मां की मूर्ति का गला टूटा था.
आयोजकों समेत 12 लोग हिरासत में
बता दें कि उत्तरी कोलकाता में शनिवार शाम बारिश के बीच दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए.कोलकाता पुलिस ने शनिवार रात आयोजकों समेत 12 लोगों को हिरासत में ले लिया. अधिकारी ने कहा कि फुटेज की जांच करेंगे और भीड़ को नियंत्रित करने में नाकाम रहने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे. वह कोई भी हो सकता है.पूजा समिति का कोई सदस्य, होमगार्ड, अस्थायी कर्मचारी, पुलिसकर्मी या किसी निजी कंपनी का कोई सुरक्षा गार्ड हो सकता है. किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.
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