मॉनसून ने अब रफ्तार पकड़ ली है. इससे बारिश की कमी भी कम होती जा रही है. मौसम विभाग के मुताबिक, अच्छी बारिश के कारण 8 अगस्त तक देशभर में बारिश की कमी घटकर 11% हो गई है. अच्छी बारिश का असर खेती पर भी दिखने लगा है. मॉनसून की रफ्तार के कारण खरीफ फसलों की कुल बुआई में अच्छा सुधार हुआ है.
खरीफ की कितनी बुआई हुई?
कृषि मंत्रालय के मुताबिक, 07 अगस्त तक देशभर में खरीफ फसलों की बुआई घटकर अब 17.96 लाख हेक्टेयर रह गई है. 24 जुलाई तक खरीफ सीजन के दौरान महत्वपूर्ण फसलों की बुआई पिछले साल के मुकाबले 38.82 लाख हेक्टेयर (4.70%) तक कम थी.
पिछले दो हफ्तों के दौरान महत्वपूर्ण दलहन फसलों की बुआई का क्षेत्रफल घटकर सिर्फ 1.95 लाख हेक्टेयर रह गया है, जो 24 जुलाई तक पिछले साल के मुकाबले 6.90 लाख हेक्टेयर (7.54 % की कमी) था.
हालांकि, इस दौरान चावल और तिलहन फसलों की बुआई का क्षेत्रफल पिछले साल के मुकाबले और कम हो गया है. चावल की बुआई 07 अगस्त तक पिछले साल के मुकाबले 15.90 लाख हेक्टेयर कम इलाके में हुई है, जबकि तिलहन फसलों की बुआई में कमी 24 जुलाई तक 3.45 लाख हेक्टेयर थी, जो 7 अगस्त को बढ़कर 5.19 लाख हेक्टेयर हो गयी है.

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मॉनसून को लेकर क्या है भविष्यवाणी?
मौसम विभाग ने रविवार को जारी अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि इस हफ्ते पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. अगले दो दिनों में पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की बहुत संभावना है.
13 अगस्त के आसपास उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तटों पर कम दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है. इसके असर से, 13 अगस्त से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में बारिश की गतिविधि बढ़ने की बहुत संभावना है.
जाहिर है, मॉनसून की कमी से जूझ रहे पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगस्त के दौरान बारिश की स्थिति में अगर सुधार होता है, तो इसका असर खरीफ फसलों की बुआई पर सकरात्मक असर पड़ेगा.
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