- कश्मीर में ईरानी नेता खामेनेई की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शन हिंसक हो गए और पांच पुलिसकर्मी घायल हुए
- पुलिस ने दंगा और पत्थरबाजी को बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी
- प्रदर्शनकारियों को लाल चौक की ओर मार्च करने से रोकने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया
जम्मू-कश्मीर में सोमवार को हुई झड़पों में पांच पुलिसकर्मियों समेत 12 लोग घायल हो गए, जिसके बाद पुलिस ने दंगाइयों और पत्थरबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. सोमवार को अमेरिका-इजरायल हमलों में ईरानी नेता अयातुल्ला खामेनी की हत्या के शोक में कश्मीर में कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गए, जब प्रदर्शनकारियों को शहर के केंद्र लाल चौक की ओर मार्च करने से रोका गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर भारी पत्थरबाजी की, जिसमें कई लोग घायल हो गए.
दंगा और पत्थरबाजी बर्दाश्त नहीं
पुलिस ने बताया कि वे शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करते हैं, लेकिन दंगा और पत्थरबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पुलिस ने कहा, "मध्य पूर्व में हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए, हम नागरिकों के वैध तरीकों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान करते हैं. हालांकि, कुछ स्थानों पर दंगा, पत्थरबाजी, झड़प और सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डालना अस्वीकार्य है."
पुलिस ने कहा कि वह गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल उकसाने वालों और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी और लोगों से संयम बरतने और हिंसा एवं उकसावे से बचने की अपील की. पुलिस ने कहा, "हिंसा, संपत्ति का नुकसान और सुरक्षा बलों के साथ झड़प से चोटें, जानमाल का नुकसान, प्रतिबंध, शिक्षण संस्थानों का बंद होना और परिवारों, व्यापारियों, छात्रों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए कठिनाई होती है."
आंसू गैस के गोले दागे, लाठीचार्ज किया
सोमवार को श्रीनगर में उस समय झड़पें हुईं, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शहर के केंद्र लाल चौक की ओर मार्च करने से रोका. हिंसक प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया. पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और लाठियों का इस्तेमाल किया. घाटी में प्रतिबंधों के बीच किसी बड़े विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी, लेकिन विभिन्न स्थानों से निकले छोटे समूहों की सुरक्षा बलों के साथ झड़पें हुईं.
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कश्मीर में खामेनेई की मौत के विराधे में प्रदर्शन
इससे पहले रविवार को प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और पुलिस ने लोगों को मार्च निकालने और लाल चौक पर इकट्ठा होने की अनुमति दी. शाम तक, पाबंदियां लगानी शुरू हो गईं और प्रदर्शनों को फैलने से रोकने के लिए उपाय किये जाने लगे. कल के प्रदर्शनों का केंद्र रहे लाल चौक को सील कर दिया गया. मोबाइल इंटरनेट सेवा प्रतिबंधित कर दी गई और कश्मीर के सभी स्कूल और कॉलेज दो दिनों के लिए बंद कर दिए गए. खामेनेई की हत्या पर उमड़े व्यापक शोक और आक्रोश के बीच नियंत्रण आदेशों को लागू करने के लिए भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. प्रदर्शनों के दौरान, 'अल्लाह ओ अकबर, खामेनेई रहबर' जैसे नारे गूंजे.
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