केसीआर की TRS सांसदों के साथ बैठक कल, मानसून सत्र के लिए तय होगी रणनीति

सीएम केसीआर (CM KCR) टीआरएस सांसदों को केंद्र सरकार द्वारा तेलंगाना सरकार (Government of Telangana) के खिलाफ अपनाई गई जनविरोधी नीतियों के विरोध में संसद के दोनों सदनों में जोरदार विरोध की घोषणा करने का निर्देश दे सकते हैं. संसद के मंच पर संघर्ष शुरू करने का निर्देश दें सकते हैं.

केसीआर की TRS सांसदों के साथ बैठक कल, मानसून सत्र के लिए तय होगी रणनीति

तेलंगाना के सीएम केसीआर राव कल अपनी पार्टी के सांसदों से मुलाकात करेंगे. (फाइल फोटो)

हैदराबाद:

संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) को लेकर तेलगांना (Telangana) के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने शनिवार दोपहर एक बजे टीआरएस (TRS) के राज्यसभा और लोकसभा सांसदों  के साथ प्रगति भवन में बैठक करेंगे. दोनों सदनों में टीआरएस पार्टी द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया का निर्देश देंगे. संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू हो रहा है. सीएम केसीआर सांसदों से केंद्र सरकार द्वारा अपनाई जा रही जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ने का आह्वान करेंगे. इस मौके पर सीएम केसीआर लोकसभा और राज्यसभा में टीआरएस के सांसदों को कई अहम मुद्दों पर दिशा-निर्देश देंगे, जिस पर शनिवार की बैठक में विचार किया जाना है.

सीएम केसीआर टीआरएस सांसदों को केंद्र सरकार द्वारा तेलंगाना सरकार के खिलाफ अपनाई गई जनविरोधी नीतियों के विरोध में संसद के दोनों सदनों में जोरदार विरोध की घोषणा करने का निर्देश दे सकते हैं. संसद के मंच पर संघर्ष शुरू करने का निर्देश दे सकते हैं. सीएम केसीआर तेलंगाना के लोगों की आकांक्षाओं को प्रतिबिम्बित करते हुए दोनों सदनों में केंद्र की भाजपा सरकार को दोषी ठहराने के लिए सांसदों को निर्देश देंगे कि केंद्र आर्थिक रूप से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे तेलंगाना राज्य के विकास को अवरुद्ध करने की कोशिश कर रहा है. आर्थिक अनुशासन बनाए रखते हुए तेलंगाना में विकास हो रहा है.

कृषि, सिंचाई और अन्य कृषि संबंधी क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा की गई क्रांतिकारी गतिविधियों के साथ, तेलंगाना ने सभी की अपेक्षाओं को पार कर दिया है और देश में अनाज उत्पादन में अग्रणी बन गया है. इस पृष्ठभूमि में, मुख्यमंत्री केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ने के लिए सांसदों को निर्देश देंगे. क्योंकि केंद्र तेलंगाना के किसानों द्वारा उगाए गए अनाज को नहीं खरीदकर किसानों और मिल मालिकों को गंभीर संकट में डाल रहा है.

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को मजबूती से लागू करने वाले तेलंगाना के मामले में केंद्र की शातिर नीति को समाप्त करने का फैसला किया है. तेलंगाना में जिस तरह से ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना लागू की जा रही है और राज्य में सोशल ऑडिट हो रहा है, उसकी केंद्र सरकार पहले भी कई बार प्रशंसा कर चुकी है और पुरस्कार भी दे चुकी है. लेकिन, आज केंद्र सरकार ने अपनी बात बदल दी है और उल्टा कर रही है. 

सीएम सांसदों को तेलंगाना सरकार द्वारा लागू ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के क्रियान्वयन में जानबूझकर मुश्किलें पैदा करने की केंद्र की षडयंत्रकारी प्रवृत्तियों के खिलाफ खड़े होने का निर्देश देंगे. केंद्र द्वारा अपनाई जाने वाली जनविरोधी नीतियों के खिलाफ टीआरएस पार्टी की लड़ाई के हिस्से के रूप में सीएम ने कहा कि केंद्र को अन्य राज्यों के विपक्षी सांसदों को एक साथ शामिल करके लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना होगी.

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