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कौन हैं जेडीयू से दरकिनार किए गए केसी त्‍यागी? लोकसभा सांसद रहे, 50 साल लंबा सियासी सफर

जनता दल यूनाइटेड के साथ केसी त्‍यागी लंबे समय से जुड़े रहे हैं. 1970 के दशक में राजनीति का सफर शुरू करने वाले त्‍यागी पहले भी अपनी पार्टी लाइन से अलग लाइन ले चुके हैं, जिसका खामियाजा भी उन्‍हें भुगतना पड़ा है. आइए जानते हैं त्‍यागी का राजनीतिक सफर.

कौन हैं जेडीयू से दरकिनार किए गए केसी त्‍यागी? लोकसभा सांसद रहे, 50 साल लंबा सियासी सफर
  • जेडीयू नेता केसी त्यागी के बयानों के कारण पार्टी उनसे नाराज है और सूत्रों के मुताबिक, उनकी विदाई हो गई है.
  • केसी त्यागी का राजनीतिक करियर 1970 के दशक से शुरू हुआ और वे हापुड़ लोकसभा से सांसद रह चुके हैं.
  • वे जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मुख्य महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं.
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नई दिल्‍ली:

जनता दल यूनाइटेड के वरिष्‍ठ नेता केसी त्‍यागी से पार्टी नाराज है. आला सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के साथ केसी त्‍यागी का अध्‍याय समाप्‍त हो गया है. जेडीयू प्रवक्‍ता राजीव रंजन के बयान से साफ है कि अब पार्टी से उनका कोई संबंध नहीं रह गया है और पार्टी से उनका सम्‍मानजनक अलगाव हो गया है. पार्टी के साथ त्‍यागी के पुराने संबंधों को देखते हुए फिलहाल औपचारिक कार्रवाई नहीं की गई है. सूत्रों के मुताबिक, केसी त्‍यागी के बयानों के कारण पार्टी काफी नाराज है.

जनता दल यूनाइटेड के साथ केसी त्‍यागी लंबे समय से जुड़े रहे हैं. 1970 के दशक में राजनीति का सफर शुरू करने वाले त्‍यागी पहले भी अपनी पार्टी लाइन से अलग लाइन ले चुके हैं, जिसका खामियाजा भी उन्‍हें भुगतना पड़ा है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक, इस बार त्‍यागी के बयान से पार्टी के साथ उनका संबंध ही टूट गया है. 

कौन हैं केसी त्‍यागी

केसी त्‍यागी का पूरा नाम किशन चंद त्‍यागी है. त्‍यागी को एक राजनेता होने के साथ ही विभिन्‍न मंचों पर अपने विचार रखते रहे हैं. गाजियाबाद में जन्‍मे त्‍यागी का राजनीतिक सफर 1970 के दशक से शुरू हुआ और उसके बाद से लगातार जारी है. केसी त्‍यागी हापुड़ लोकसभा क्षेत्र से 1989 में लोकसभा सांसद बने और राज्‍यसभा में भी उन्‍होंने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है. उनका राजनीतिक सफर करीब 50 साल का है. 

  • 1977: अखिल भारतीय युवा जनता पार्टी के महासचिव.
  • 1980: युवा लोक दल के उपाध्यक्ष.
  • 1989: जनता दल के महासचिव.
  • 1989: उन्होंने हापुड़ लोकसभा सीट से कांग्रेस के बुध प्रिया मौर्य को 33,254 वोटों के अंतर से हराकर संसद सदस्‍य बने. 
  • 1994: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव.
  • 2003: सेंट्रल वेयरहाउस कॉर्पोरेशन (भारत सरकार का उपक्रम) के अध्यक्ष.
  • 2013: राज्यसभा के लिए निर्वाचित.
  • 2013: जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता.
  • 2013: उद्योग संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष.
  • 2016: तीसरी बार जनता दल यूनाइटेड के मुख्य महासचिव बने.
  • 2023: जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता नियुक्त.
  • 2024: निजी कारणों का हवाला देते हुए राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता पद से इस्तीफा दिया. 
  • 2026: केसी त्‍यागी एक बार फिर अपने बयानों के कारण चर्चा में हैं और सूत्रों के मुताबिक, पार्टी से उनकी छुट्टी हो गई है.  

आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को हटाने के फैसला हो या फिर 2024 में फिलिस्तीन के मुद्दे पर भारत सरकार से अलग स्टैंड, त्‍यागी के बयानों ने पार्टी के लिए कई बार असहज स्थिति पैदा की है. माना जा रहा है कि इसी के चलते पार्टी में उन्‍हें लेकर नाराजगी है.

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