- कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर सीएम पोस्ट पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है
- आलाकमान ने CM सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को दिल्ली तलब किया है
- सूत्रों के अनुसार, इन दोनों की लड़ाई में किसी तीसरे नेता की लॉटरी भी लग सकती है
कांग्रेस आलाकमान राहुल गांधी मंगलवार को कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात करेंगे. इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष खरगे भी मौजूद रहेंगे. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेतृत्व का असल लक्ष्य अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करना है ताकि दक्षिण में कांग्रेस का मजबूत किला बन सके और अगले लोकसभा चुनाव में पार्टी को फायदा हो.
कांग्रेस में क्या चल रहा है?
मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की उम्र करीब 78 साल है जो अगले चुनाव तक 80 हो जाएगी. सिद्धारमैया सरकार की रिपोर्ट् कार्ड अच्छी नहीं है. एंटी इनकम्बेंसी बढ़ रही है. ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व उन्हें समय रहते बदलना चाहता है. यही वजह है कि छह महीने से सीएम को कैबिनेट में फेरबदल के लिए हरी झंडी नहीं दी गई. सिद्धारमैया कर्नाटक के सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री हैं. सीएम पद छोड़ने के बदले उन्हें राज्यसभा की सीट और बेटे को राज्य सरकार में अहम पद का ऑफर दिया जा सकता है. सिद्धारमैया अगर पद छोड़ने को राजी नहीं हुए तब पेच फंस सकता है. सिद्धारमैया ओबीसी समाज के बड़े जनाधार वाले नेता हैं. कांग्रेस उन्हें नाराज करने का रिस्क नहीं ले सकती.
डीके शिवकुमार का दावा मजबूत!
सिद्धारमैया के बाद सीएम पद पर सबसे प्रबल दावेदार उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार हैं. उनके करीबी सूत्र दावा करते हैं कि मई 2023 में जब सरकार बनी थी तब डीके को ढाई साल के लिए सीएम बनाने का वादा किया गया था. अब तीन साल हो चुके हैं. डीके शिवकुमार उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दोनों पद पर हैं. डीके शिवकुमार वोक्कलिगा जाति से आते हैं जिसपर परम्परागत रूप से जेडीएस की पकड़ मजबूत है. बीजेपी-जेडीएस गठबंधन के बीच डीके को सीएम बनाने से इस वर्ग में कांग्रेस को फायदा मिल सकता है. डीके की छवि मेहनत करने वाले नेता और पार्टी के अनुशासित सिपाही की है लेकिन उनपर भ्रष्टाचार के मामले भी चल रहे हैं. डीके सीएम बने तो उनकी सरकार में खरगे के बेटे प्रियांक खरगे को बड़ा रोल मिल सकता है.
जी परमेश्वर की लॉटरी लगेगी?
तीसरा नाम है दलित समाज से आने वाले गृहमंत्री जी परमेश्वर का. कर्नाटक में आज तक कोई दलित सीएम नहीं बना है. सोमवार को सिद्धारमैया अपने साथ परमेश्वर को लेकर दिल्ली पहुंचे हैं. माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार का रास्ता रोकने के लिए सिद्धारमैया दलित सीएम के तौर पर परमेश्वर के नाम की पैरवी करें. परमेश्वर सीएम बने तो बतौर उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को गृह मंत्रालय का ऑफर मिल सकता है. हालांकि डीके शिवकुमार को सीएम पद से कम कुछ भी मंजूर नहीं होगा.
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे मार सकते हैं बाजी!
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे खुद कर्नाटक से आते हैं. माना जा रहा है कि अगर पेंच फंसा तो वरिष्ठता और दलित सीएम के तौर पर खरगे के नाम पर आम सहमति बनाई जा सकती है. हालांकि खरगे की उम्र 83 साल है. उनके कर्नाटक जाने से दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष का पद खाली हो जाएगा. ऐसे में केसी वेणुगोपाल को कांग्रेस अध्यक्ष और सिद्धारमैया को नेता विपक्ष का पद मिल सकता है. जहां उम्र खरगे के रास्ते का रोड़ा है तो उनकी वरिष्ठता सबसे बड़ी ताकत.
यथास्थिति रही तो कैबिनेट में होगा बड़ा बदलाव
कुल मिलाकर कांग्रेस आलाकमान के लिए कर्नाटक का पेंच सुलझाना आसान नहीं होगा. सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार कई बार कह चुके हैं कि पार्टी आलाकमान का फ़ैसला उन्हें मंज़ूर होगा. लेकिन कांग्रेस आलाकमान के लिए आम सहमति बनाना सबसे बड़ी चुनौती होगी. अंतिम विकल्प है यथास्थिति क़ायम रखने की. ऐसी परिस्थिति में सिद्धारमैया सीएम पद पर बने रहेंगे लेकिन उनके कैबिनेट में बड़े पैमाने पर बदलाव किया जाएगा. डीके शिवकुमार को थोड़ा और इंतज़ार करने को कहा जा सकता है. सूत्रों का कहना है कि नेतृत्व को लेकर फैसला जल्द से जल्द होगा लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इससे अगले चुनाव में कांग्रेस की वापसी हो पाएगी?
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