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150 अभ्यर्थियों से लिया पैसा, JPSC पेपर लीक पर अभय तिवारी का बड़ा खुलासा, एक IAS का नाम भी आया सामने

अभय तिवारी ने CID को बताया है कि 14वीं JPSC परीक्षा में 100 से अधिक अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराया गया, जबकि JPSC बैकलॉग परीक्षा में भी 50 से अधिक अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराया गया है.

150 अभ्यर्थियों से लिया पैसा, JPSC पेपर लीक पर अभय तिवारी का बड़ा खुलासा, एक IAS का नाम भी आया सामने
जेपीएससी पेपर लीक के मामले में अभय तिवारी से पूछताछ के बाद कई बड़े खुलासे हुए हैं.
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  • अभय तिवारी ने पूछताछ में 14वीं JPSC परीक्षा व JPSC बैकलॉग परीक्षा में पैसे के बदले पास कराने से जानकारी दी है.
  • अभय तिवारी ने CID को बताया है कि 14वीं JPSC परीक्षा में 100 से अधिक अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराया गया.
  • जबकि JPSC बैकलॉग परीक्षा में भी 50 से अधिक अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराया गया है.
रांची:

JPSC Paper Leak: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में धांधली की जांच जारी है. इस मामले में TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी से पूछताछ के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. अब CID की पूछताछ में एक और बड़ा कबूलनामा  सामने आया है. जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अभय  तिवारी ने पूछताछ के दौरान 14वीं JPSC परीक्षा और JPSC बैकलॉग परीक्षा में पैसे के बदले अभ्यर्थियों को पास कराने से जुड़ी जानकारी दी है. अभय तिवारी ने CID को बताया है कि 14वीं JPSC परीक्षा में 100 से अधिक अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराया गया, जबकि JPSC बैकलॉग परीक्षा में भी 50 से अधिक अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराया गया है.

CID की पूछताछ में अभय तिवारी ने IAS अधिकारी मनीष रंजन का भी नाम लिया है. सूत्रों के मुताबिक, अभय ने जांच अधिकारियों को बताया कि TDPL से जुड़े रामवीर सिंह और सतपाल सिंह का मनीष रंजन के घर आना-जाना था.

IAS मनीष रंजन से जुड़े तीन अभ्यर्थियों की सेटिंग

14वीं JPSC में मनीष रंजन से जुड़े तीन अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई गई थी. हालांकि, अभय तिवारी ने मनीष रंजन से जुड़े आरोप के संबंध में यह दावा नहीं किया कि उसने खुद किसी अभ्यर्थी की सेटिंग होते देखी थी. उसका  बयान मुख्य रूप से TDPL से जुड़े लोगों की बातचीत और उनके जरिए मिली जानकारी से मिला था.

अभय के दावे सही तो गड़बड़ी का दायरा काफी बड़ा होगा

सूत्रों के अनुसार,  CID को अब मनी ट्रेल, अभ्यर्थियों की पहचान, परीक्षा परिणाम और आरोपों से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच करनी होगी.
अभय तिवारी से पूछताछ में सामने आए ये दावे जांच में सही पाए जाते हैं, तो JPSC की भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का दायरा काफी बड़ा हो सकता है.  

इन 150 अभ्यर्थियों से पैसा कैसे लिया गया, चल रही जांच

14वीं JPSC और बैकलॉग परीक्षा में कथित तौर पर पैसे देकर पास कराने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 150 से अधिक बताए जाने से जांच एजेंसी के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती होगी कि कथित लेनदेन किसके माध्यम से हुआ, पैसा किस तक पहुंचा और परीक्षा प्रक्रिया के किन स्तरों पर कथित तौर पर मदद की गई.

फिलहाल ये सभी दावे CID पूछताछ में जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से हैं. इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही हो सकेगी. संबंधित व्यक्तियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए.

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जेपीएससी बैकलॉग 2023 और 2025

2023 बैकलॉग के लिए JPSC ने विज्ञापन संख्या 06/2026 के तहत कुल 7 पदों पर भर्ती निकाली थी. ये सभी पद स्टेट टैक्स ऑफिसर के थे. इनमें अनुसूचित जनजाति (ST) के 2 और BC-II के 5 पद शामिल थे. यानी 2023 बैकलॉग में कुल 7 लंबित पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की गई थी.

वहीं, 2025 बैकलॉग के लिए JPSC ने विज्ञापन संख्या 05/2026 के तहत कुल 45 पदों पर भर्ती निकाली.  इनमें उप समाहर्ता/अपर सचिवीय सेवा के 36, सहायक निबंधक के 2 और झारखंड शिक्षा सेवा ग्रेड-II के 7 पद शामिल थे. आरक्षण के लिहाज से इन 45 पदों में ST के 17, SC के 3, EBC-I/BC-I के 14 और BC-II के 11 पद थे.

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