झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के आंदोलन का रविवार को 16वां दिन है. इस बीच सरकार और छात्रों के बीच रविवार को छठे दौर की बातचीत भी हो रही है. सरकार के मंत्रियों ने आंदोलनकारी छात्रों से वीडियो कॉल पर भी बात की है. बताया जा रहा है कि सरकार छात्रों की कुछ मांगों को मान गई है. हालांकि, छात्रों का कहना है कि लिखित में आश्वासन मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
इसी बीच, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि युवाओं को न्याय दिलाने का वादा किया है. साथ ही, उन्होंने कहा कि बातचीत से ही घर की सभी समस्याओं का समाधान हो सकता है, लाठी-डंडे से नहीं. उन्होंने वादा किया कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा है. वहीं, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं. छात्रों का ये प्रदर्शन झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) और झारखंड सिविल सर्विस कमीशन (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता के खिलाफ है.
सोरेन बोले- छात्रों के साथ न्याय होगा
प्रदर्शनकारी छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है. इससे पहले रविवार को सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच 6वें दौर की बातचीत भी हो रही है.
वहीं, आदिवासी महोत्सव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों की बात खुले मन से सुन रही है. उन्होंने कहा, 'आज हमारे युवा अपने अधिकार के लिए आवाज उठा रहे हैं. उन्होंने हिम्मत जुटाई है, आंदोलन किया है और अपना हक मांगा है. मैं अपने युवा साथियों से कहना चाहता हूं कि हमने गड़बड़ी पकड़ ली है. युवाओं को न्याय मिलेगा और जिन्होंने गड़बड़ी की है, उन्हें कठोर से कठोर दंड दिया जाएगा.'
आज का यह अवसर हमारे लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी समय राज्य के कुछ युवा, नौजवान और छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर आंदोलन और धरने पर हैं। मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि सरकार उनकी बात खुले मन से सुन रही है।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 9, 2026
राज्य के करोड़ों लोगों के प्रति हमारी सरकार संवेदनशीलता के साथ… pic.twitter.com/lYCDYw0r5H
सीएम सोरेन ने कहा, 'आप छात्र हैं. आपका अधिकार है कि आपका अधिकार आपको मिले, आपको न्याय मिले. यह जिम्मेदारी सरकार की है और यह काम पूरा होकर रहेगा.'
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लेकिन लिखित आश्वासन पर अड़े छात्र
सरकार की तरफ से बनाई गई हाई लेवल कमेटी ने रविवार को वीडियो कॉल के जरिए आंदोलन कर रहे छात्रों से बात की.
इस कमेटी में 4 मंत्री- सुदीप कुमार सोनी, दीपिका सिंह पांडेय, चमरा लिंडा और संजय सिंह यादव हैं. इन्होंने छात्रों से भूख हड़ताल तोड़ने का आग्रह किया. हालांकि, भूख हड़ताल कर रहे देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि मांगें पूरी होने पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी और आंदोलन जारी रहेगा.

देवेंद्र नाथ महतो.
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इससे पहले JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने सरकार पर राजनीतिक चालबाजी का आरोप लगाया था. मंच के नेता रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया था कि सरकार ऐसे संगठनों के साथ बातचीत कर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जिनकी आंदोलन में कोई भूमिका नहीं रही.
किन मांगों पर अड़े हैं छात्र?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की कई सारी मांगें हैं. आंदोलन की अगुवाई कर रहे JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने, सभी परीक्षाओं की CBI जांच कराने, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांगें शामिल हैं.
छात्र वित्त विभाग के अनुभाग अधिकारी और कथित अनियमितताओं का खुलासा करने वाले संतोष कुमार मस्ताना का निलंबन रद्द करने तथा उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं.

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वहीं, झारखंड छात्र मोर्चा ने पांच मांगें रखी हैं, जिनमें 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करना शामिल है. कांग्रेस से जुड़े NSUI ने छह मांगें रखीं हैं, जिनमें संदेह के घेरे में आने वाली सभी JPSC और JSSC परीक्षाओं की 90 दिनों के भीतर CID जांच और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तर्ज पर झारखंड परीक्षा एजेंसी की स्थापना शामिल है.
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सरकार किन मांगों को मानने को है तैयार?
अभी तक सरकार की तरफ से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि सरकार छात्रों की कुछ मांगें मानने को तैयार है.
सूत्रों ने बताया कि सरकार तीन परीक्षाओं को रद्द करने पर तैयार हो गई है. ये परीक्षाएं हैं- JPSC 2023, 2025 और 14वीं प्रीलिम्स एग्जाम.
इसके अलावा, सरकार परीक्षा में गड़बड़ियों के मामले में वित्तीय लेन-देने की जांच ED से कराने पर तैयार हो गई है. सूत्रों ने कहा कि लखनऊ स्थित निजी टेस्टिंग TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड ने जितनी परीक्षाएं करवाई थीं, उन सभी की जांच भी की जाएगी. साथ ही JPSC और JSSC में सुधार लाने के लिए IIM और XISS की मदद भी लेगी.

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क्या खत्म होगा आंदोलन?
सरकार लगातार छात्रों से बातचीत कर रही है, ताकि इस आंदोलन को खत्म कराया जा सके. आंदोलन अब खत्म कराना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि 2 अगस्त से भूख हड़ताल कर रहे देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है.
हालांकि, छात्रों का साफ कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं और उनका लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक भूख हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा.
इस बीच 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के ऐलान के बाद झारखंड के अलग-अलग जिलों से छात्रों का रांची की ओर कूच शुरू हो गया है. इस विरोध मार्च में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में छात्र ट्रेन और बस से रांची पहुंच रहे हैं.
छात्रों के इस बड़े मूवमेंट ने झारखंड प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. छात्रों को रांची पहुंचने से रोकने के लिए रास्ते में जगह-जगह बसों और अन्य वाहनों की जांच की जा रही है. प्रशासन की कोशिश है कि कम से कम संख्या में छात्र रांची पहुंचें, जबकि छात्र विधानसभा घेराव के लिए बड़ी संख्या में जुटने की तैयारी में हैं.
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