झारखंड सरकार ने सोमवार रात एक बड़ा फैसला लिया. सरकार ने टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) की ओर से कराई गई जेपीएससी-14, जेएसएससी-सीजीएल की परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है. इसके अलावा जेपीएससी 11 से 13 की जांच की जाएगी.इन्हीं मांगों को लेकर छात्र पिछले 24 दिनों से आंदोलन कर रहे थे. सरकार ने उनकी मांगें मान ली हैं. सरकार के इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है. सरकार के इस फैसले से जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा पास कर नौकरी पाने वाले युवाओं ने रांची के प्रोजेक्ट भवन (सचिवालय) पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है.सरकार के इस फैसले से करीब दो हजार लोगों के प्रभावित होने की आशंका है.
क्या कहना है प्रदर्शन करने वाले युवाओं का
प्रोजेक्ट भवन पर प्रदर्शन करने वाले लोगों का कहना है कि सरकार उनकी नियुक्तियों पर स्पीष्टीकरण दे. ये प्रदर्शनकारी न्याय की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने चयन प्रक्रिया के तहत परीक्षा पास की और नियुक्ति के बाद अपने पदों पर काम कर रहे हैं.उनका कहना है कि पूरी परीक्षा रद्द कर देने से उनके भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है.
#WATCH | Ranchi, Jharkhand: Following the state government's decision to cancel the JSSC-CGL exam, candidates who were recruited and had served in their respective posts are staging a sit-in protest at the Project Bhawan, demanding clarity and justice over their appointments. pic.twitter.com/YgJ58i94yS
— ANI (@ANI) August 17, 2026
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि आपकी सीआईडी ने ही जांच करके कहा था कि पेपर लीक नहीं हुआ है. इसका मतलब बड़े-बड़े लोग मिले हुए थे. क्या ये दो हजार बंदे ही गुनहगार हैं. उनका कहना था कि आफ अदालत में एफिडेविट दायर कर यह बता दीजिए की हमारा गुनाह क्या है. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आप हमें मौखिक तौर पर नौकरी से बाहर नहीं कर सकते हैं. उनका कहना था कि बिना कोई वजह बताए केवल आंदोलन के दवाब में आकर हमें कोई नौकरी से बाहर नहीं कर सकता है. उनका कहना था कि अदालत के आदेश पर हमारी नियुक्ति हुई है, आपको कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंप दीजिए हम अदालत से निपट लेंगे, लेकिन आप हमें मौखिक आदेश से नहीं निकाल सकते हैं.
हेमंत सोरेन सरकार ने क्या घोषणा की है
रांची में पिछले 24 दिन से जारी जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन के दबाव में आकर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने सोमवार रात कई फैसले किए थे. इनमें कुछ परीक्षाओं के प्रकाशित रिजल्ट को रद्द करने का फैसला भी शामिल था. मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि टीडीपीएल के माध्यम से जिन अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, उन सभी का चयन रद्द किया जाएगा. मुख्यमंत्री के इस ऐलान को लंबे समय से चल रहे जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच सरकार की ओर से बड़ा कदम माना जा रहा है.

झारखंड सरकार ने कहा है कि टीडीपीएल के माध्यम से जिन अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, उन सभी का चयन रद्द किया जाएगा.
Photo Credit: PTI
झारखंड सरकार ने यह फैसला मुख्यमंत्री सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार शाम हुई राज्य मंत्रिमंडल की एक लंबी बैठक में लिया.बैठक के बाद सोरेन ने कहा,''सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तर (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा रद्द करने का फैसला किया है, जो प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मुख्य मांगों में से एक थी. हमने आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल (टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा जारी नतीजों को भी रद्द करने का फैसला किया है.''
उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक परीक्षा सुधार समिति के गठन की भी घोषणा की. सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन को लेकर चिंतित है और उसने ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए पहले ही 'झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और निवारण) अधिनियम' लागू कर दिया है.
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