झारखंड में भर्ती परीक्षाओं और JPSC-JSSC से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन शुक्रवार को कई जिलों में उग्र स्थिति में पहुंच गया. JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के आह्वान पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने निकले छात्रों का विभिन्न स्थानों पर विरोध हुआ, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया. रांची, गिरिडीह, हजारीबाग और गढ़वा में छात्रों तथा सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, धक्का-मुक्की और मारपीट की खबरें सामने आईं. कुछ स्थानों पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, जबकि विपक्ष ने पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है.
25 दिन से रांची में आंदोलनरत छात्रों ने अपने साथ हुई वादा खिलाफी और धोखे के विरोध में आज झारखंड के सभी जिलों में हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का आह्वान किया था। लेकिन रांची, हजारीबाग, गिरिडीह समेत कई जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर झामुमो-कांग्रेस कार्यकर्ताओं और… pic.twitter.com/koLnNCRRhj
— Amit Malviya (@amitmalviya) August 21, 2026
मुख्यमंत्री के पुतला दहन कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच से जुड़े छात्र विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. आंदोलनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का कार्यक्रम घोषित किया था. रांची में पुतला दहन की तैयारी के दौरान तनाव की स्थिति पैदा हो गई. आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि JMM कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यक्रम का विरोध किया और उनके साथ धक्का-मुक्की तथा मारपीट की. छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन्हें रोकने का प्रयास किया गया.
रांची, झारखंड: डीएसपी केवी रमन ने कहा, "पुलिस प्रशासन के द्वारा इनको एक रूट निर्धारित करके दी गई थी। उनको मोरहाबादी से करम टोली होते हुए, जेल चौक होते हुए फिरायला लाना था। इन्होंने पुलिस प्रशासन के द्वारा दिए गए रूट को नहीं माना, सरकारी आदेश की अवहेलना की। ये जबरदस्ती कचहरी चौक… https://t.co/tJjSEtZbRS pic.twitter.com/0dFAXCgQLU
— IANS Hindi (@IANSKhabar) August 21, 2026
गिरिडीह में भी हुआ बवाल
गिरिडीह के नगर थाना क्षेत्र स्थित झंडा मैदान में भी हालात अचानक बिगड़ गए. यहां छात्रों और JMM कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के बाद जमकर हंगामा हुआ. छात्रों का आरोप है कि उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया. घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और स्थानीय प्रशासन को स्थिति पर नजर रखनी पड़ी. इस घटना से जुड़े कई वीडियो और दावे सोशल मीडिया पर भी वायरल होने लगे.
कई जिलों में दिखाई दिया आंदोलन का असर
रांची और गिरिडीह के अलावा हजारीबाग तथा गढ़वा में भी छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया. कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनातनी की स्थिति देखने को मिली. प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांग भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच और कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई बताई जा रही है. आंदोलन से जुड़े छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं.
#WATCH | रांची: झारखंड में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा, "आज की घटना के बारे में मैं यही कहूंगा कि सरकार ने जान-बूझकर JMM के गुंडों को तैनात किया था। क्योंकि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन, धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन जैसी चीजें आम बात हैं; आमतौर पर अगर सरकार ऐसे कार्यक्रमों… pic.twitter.com/AhDKbhGDx6
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 21, 2026
बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में धरना, प्रदर्शन और पुतला दहन सामान्य राजनीतिक गतिविधियां हैं, लेकिन छात्रों के कार्यक्रम को रोकने के लिए कथित तौर पर JMM कार्यकर्ताओं को आगे किया गया. मरांडी ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर छात्रों के साथ मारपीट की गई. उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठा रहे हैं और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि छात्र सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं तो उस पर विचार किया जाना चाहिए.
आज झारखंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर जिस प्रकार लाठीचार्ज किया गया, वह बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। हजारीबाग, गिरिडीह, गढ़वा और रांची में कई छात्र घायल हुए हैं।
— BJP JHARKHAND (@BJP4Jharkhand) August 21, 2026
छात्र हमारे भविष्य और झारखंड की ताकत हैं। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन और अभिव्यक्ति की आजादी को… pic.twitter.com/UhNpsrUQFs
भाजपा ने भी किया विरोध
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने भी घटनाओं की आलोचना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट निंदनीय है. उन्होंने दावा किया कि रांची, गिरिडीह, हजारीबाग और गढ़वा में कई छात्र घायल हुए हैं. साहू ने प्रशासन से दोषियों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की और कहा कि भाजपा छात्रों के साथ खड़ी है.
JMM का पक्ष भी आया सामने
दूसरी ओर JMM नेताओं ने छात्रों पर लगाए जा रहे आरोपों को अलग नजरिए से देखा है. गिरिडीह के JMM जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि अदालत के आदेशों का सम्मान किया जाना चाहिए और विरोध जताने के लोकतांत्रिक तरीके अपनाए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पुतला दहन करना उचित नहीं है और लोगों को अपनी आपत्ति कानूनी व संवैधानिक तरीकों से दर्ज करानी चाहिए.
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