विज्ञापन
This Article is From Mar 11, 2026

मिडिल ईस्ट में संकट के बीच डिप्लोमैटिक मिशन पर जुटे जयशंकर, ईरान के विदेश मंत्री से तीसरी बार फोन पर की बात

मिडिल ईस्ट संकट के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अराघची से तीसरी बार फोन पर बात की. जयशंकर ने क्षेत्रीय तनाव, ऊर्जा आपूर्ति और हालिया घटनाक्रमों पर भारत की चिंता जताई तथा संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई.

मिडिल ईस्ट में संकट के बीच डिप्लोमैटिक मिशन पर जुटे जयशंकर, ईरान के विदेश मंत्री से तीसरी बार फोन पर की बात
फाइल फोटो
  • भारत ने मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री से तीसरी बार विस्तृत फोन वार्ता की है.
  • वार्ता में दोनों देशों ने संघर्ष की ताजा स्थिति की समीक्षा कर निरंतर संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई.
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव से तेल कीमतें बढ़ी हैं, जिससे भारत समेत कई देशों को आर्थिक चुनौती हो सकती है.
नई दिल्ली:

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और गैस आपूर्ति पर मंडराते खतरे के बीच भारत ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर विस्तृत चर्चा की. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद यह तीसरी बार है जब दोनों नेताओं के बीच वार्ता हुई.

जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि बातचीत में संघर्ष से जुड़े ताजा घटनाक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई और दोनों देशों ने लगातार संपर्क में रहने पर सहमति जताई.

नए सर्वोच्च नेता की नियुक्ति के बाद पहली बातचीत

यह वार्ता ऐसे समय हुई जब ईरान ने मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया है. मोजतबा की नियुक्ति उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इज़रायल हमले में हत्या के कुछ दिन बाद की गई और इस संवेदनशील पृष्ठभूमि ने बातचीत को और भी अहम बना दिया.

यह भी पढ़ें- मिसाइल लॉक और 16 टारगेट तबाह... समंदर में बारूद का जाल बिछा रहीं ईरानी नावें पल भर में खाक- VIDEO

मिडिल ईस्ट के संकट पर वैश्विक विमर्श

ईरानी विदेश मंत्री के अलावा जयशंकर ने जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून से भी क्षेत्रीय संकट पर व्यापक विचार-विमर्श किया. ऊर्जा और समुद्री परिवहन पर गहराते असर को लेकर भारत अपनी चिंता खुलकर साझा कर रहा है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव से वैश्विक बाजार में उथल-पुथल

ईरान द्वारा फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लगभग रोक कर देने के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस की कीमतों में तेज़ उछाल आया है. यह स्थिति भारत सहित कई देशों के लिए गंभीर आर्थिक चुनौती बन सकती है.

क्या युद्धपोत पर हमले का जिक्र हुआ?

अमेरिका द्वारा 4 मार्च को श्रीलंका के पास एक ईरानी युद्धपोत को डुबोए जाने की घटना पर दोनों मंत्रियों के बीच चर्चा हुई या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है.

भारत की गहरी चिंता

वार्ता के दौरान जयशंकर ने अराघची को ईरान और पूरे क्षेत्र में बढ़ते अस्थिर हालात पर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया. भारत लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करता रहा है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Iran, Supreme Leader, Iran War Crisis, Iran Crisis
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com