विज्ञापन
This Article is From Sep 07, 2022

भारत जोड़ो यात्रा को चुनावी नजरिये से नहीं देख रहे, यह भारतीय सियासत की नई शुरुआत : जयराम रमेश

जयराम रमेश ने कहा, "2024 चुनाव अभी मैं देख नहीं रहा हूं. मुझे बस अभी के बारे में देखना है. इस यात्रा को कैसे पूरा किया जाए और इससे संगठन कैसे मज़बूत हो, ये हमारी प्राथमिकता है."

जयराम रमेश बोले, भारत जोड़ो यात्रा भारतीय राजनीति के लिए नई शुरुआत है
नई दिल्‍ली:

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा बुधवार से शुरू हो गई. पार्टी के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी भी इसमें शामिल हैं. कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने एनडीटीवी से बातचीत में बताया कि यात्रा में  118 कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल है, इसमें एक तिहाई महिलाए हैं. यात्रा में शामिल होने वालों की औसत आयु  38 वर्ष है. यात्रा में आपको एक नई कांग्रेस देखने को मिलेगी. एक अन्‍य सवाल के जवाब में रमेश ने कहा, "देश में एक चीज़ करो तो 10 सवाल उठते हैं. ये नहीं पूछते कि क्यों कर रहे हैं?  ये हम दक्षिण से कर रहे हैं. एक यात्रा हम निकाल रहे हैं. आपने चंद्रशेखर जी से पूछा था कि1983 में कि वो कन्याकुमारी से क्यों गए हैं कश्मीर तक?  ऐसे सवाल सही नहीं है. हम भारत जोड़ो यात्रा चुनावी नज़रिए से नहीं देख रहे हैं. ये भारतीय राजनीति के लिए नई शुरुआत है, इस से परिवर्तन होगा. देश की सबसे पुरानी पार्टी सबसे लंबी यात्रा निकाल रही है. "

उन्‍होंने कहा, "हमारे देश में हर साल चुनाव होते हैं. लोकसभा से लेकर पंचायत तक, हर चीज़ के लिए चुनाव होता है. हम राजनौतिक पार्टी हैं और हमें चुनाव लड़ना है. इसके लिए मज़बूत संगठन की ज़रूरत होती है. इस यात्रा का फायदा होगा कि कांग्रेस का संगठन मज़बूत होगा.  कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आएगी. इसका परिणाम 2024 के चुनाव में देखेंगे. हम चुनाव को देखते हुए भारत जोड़ों यात्रा नहीं निकाल रहे. हमारे देश के सामने सामाजिक आर्थिक और राजनितिक चुनौतियां हैं. मोदी सरकार की नीतियों और आरएसएस से लड़ने के लिए ये यात्रा शुरू की जा रही है. चुनाव में क्या होगा इस यात्रा से ये नहीं कहा जा सकता लेकिन इस यात्रा से पार्टी में नई उमंग आएगी."  रमेश ने कहा कि इस यात्रा में कई कांग्रेस आलोचक भी हैं तो प्रशंसक भी शामिल हैं. जिन्होंने 2012 में यूपीए की आलोचना की थी, वो भी हमारे साथ जुड़े हैं. एक अन्‍य सवाल पर कहा, "हम बदले की राजनीति पर विश्वास नहीं रखते. हम जब सत्ता में थे तो हमने खभी भी ईडी-सीबीआई का गलत इस्‍तेमाल नहीं किया. जो हमारी आलोचना करते थे वो इस य़ात्रा में शामिल हैं. हम उनका स्वागत करते हैं. हमने कहा था कि इस यात्रा में हम हर राजनीतिक दल का स्वागत करते हैं.विपक्ष की यूनिटी की बात आती है. अगर विपक्ष की एकता का मतलब कमज़ोर कांग्रेस है तो मैं इस बात से इंकार करता हूं. हम 20 साल से गठबंधन कर रहे हैं. उनके साथ जो हमें कमज़ोर कर रहे हैं, इसलिए हम इस रास्ते से हट रहे हैं. कांग्रेस पहले है और विपक्ष की यूनिी बाद में हैं. विपक्ष की एकता मज़बूत कांग्रेस की नतीजा होगा."  

उन्‍होंने कहा, "2024 चुनाव अभी मैं देख नहीं रहा हूं. मुझे बस अभी के बारे में देखना है. इस यात्रा को कैसे पूरा किया जाए और इससे संगठन कैसे मज़बूत हो, ये हमारी प्राथमिकता है." पार्टी अध्‍यक्ष पद के चुनाव से संबंधित सवाल पर कहा कि अध्यक्ष पद के चुनाव का जवाब आपको 30 सितंबर तक मिल जाएगा क्योंकि वो नामांकन के लिए आखरी दिन है. चुनाव होते रहेंगे और यात्रा भी चलती रहेगी. राहुल गांधी 3570 किमी चलेंगे और 118 कांग्रेस कार्यकर्ता उनके साथ चलेंगे. हाल ही में कांग्रेस छोड़ने वाले गुलाम नबी आजाद के बारे में कहा कि 50 साल कांग्रेस ने उनको सब दिया. उनकी क्षमता के ऊपर ही उनको दिया उस कांग्रेस को उन्‍होंने गालियां दीं. यह कांग्रेस की आलोचना नही है, यह उनके असली चरित्र को दोहराता है. हम किसी की आवाज़ को चुप नहीं कराते हैं उनको जो कहना है वो कहेंगे." 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Jairam Ramesh, Bharat Jodo Yatra, Congress, Rahul Gandhi
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com