- मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई हैं
- भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखने के लिए केंद्रीय उत्पाद शुल्क में भारी कटौती की है
- पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर और डीजल पर दस रुपये से शून्य कर दी गई है
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच तेल की कीमतों ने चिंता बढ़ा दी है. दुनिया भर में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगी आग के बीच भारत सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत देने का फैसला किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे. इसके लिए सरकार ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में भारी कटौती की है.
दुनियाभर में हाहाकार, 122 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल
वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा इजाफा देखा जा रहा है, जो महज एक महीने के भीतर 70 डॉलर से उछलकर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है. 13 मार्च के बाद से ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर से नीचे नहीं आई है. इसका असर पूरी दुनिया पर दिख रहा है, जहां दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 30 से 50% और उत्तरी अमेरिका में 30% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. पिछले 4 सालों में रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद से ही तेल और फर्टिलाइजर की आपूर्ति को लेकर गंभीर दबाव बना हुआ है.
VIDEO | Delhi: “Diesel, petrol prices remain unchanged despite volatility in crude oil prices due to West Asia crisis,” says Union Finance Minister Nirmala Sitharaman in Rajya Sabha.
— Press Trust of India (@PTI_News) March 27, 2026
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos- https://t.co/dv5TRAShcC) pic.twitter.com/JgVvbobAmw
PM का सख्त निर्देश- 'जनता पर न पड़े कोई बोझ'
सीतारमण ने बताया कि इस वैश्विक संकट और बाहरी उतार-चढ़ाव को बेहद सावधानी से संभालते हुए, प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया है कि आम जनता पर महंगाई का कोई भी अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ना चाहिए. सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि लागत और आपूर्ति में होने वाले इस बाहरी उतार-चढ़ाव की मार आम नागरिकों पर न पड़े.

india Crude Oil Policy
पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती, आज से लागू
वित्त मंत्री ने बताया कि जनता को राहत देते हुए सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये से घटाकर सीधे 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. सबसे बड़ी राहत डीजल पर दी गई है, जहां 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी को घटाकर शून्य कर दिया गया है. यह फैसला तत्काल प्रभाव से आज से ही लागू हो गया है, जिसके कारण भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें जस के तस बनी रहेंगी. सरकार यह बोझ इसलिए उठा रही है ताकि तेल कंपनियां बिना किसी रुकावट के ज्यादा तेल खरीद सकें और देश में ईंधन की सप्लाई लगातार बनी रहे.
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राजकोषीय घाटे को कैसे संभालेगी सरकार?
एक्साइज ड्यूटी में इस कटौती से सरकारी खजाने पर पड़ने वाले असर के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय उत्पाद शुल्क सरकार के कुल अनुमानित कर राजस्व का 10% से भी कम हिस्सा है. राजकोषीय स्थिति को संतुलित रखने के लिए सरकार विकास को बढ़ावा देने वाले खर्चों को प्राथमिकता देगी, कल्याणकारी खर्चों को सही जगह इस्तेमाल करेगी और नॉन टैक्स रिवेन्यू के जरिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने पर जोर देगी. इस पूरी स्थिति से निपटने के लिए वित्त मंत्री ने आश्वस्त किया है कि सरकार पूरी तरह से मुस्तैद रहेगी.
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