- पश्चिम एशिया में हवाई मार्गों की स्थिति में सुधार हुआ है और इजरायल तथा कुवैत ने एयरस्पेस खोल दिया है
- कुवैत से भारत के लिए दो प्रमुख एयरलाइंस सीमित उड़ान परिचालन जल्द शुरू करने वाली हैं यात्रियों को राहत मिलेगी
- 28 फरवरी से अब तक करीब 12 लाख 30 हजार यात्री इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं और उड़ानें नियमित हो रही हैं
विदेश मंत्रालय लगातार खाड़ी और पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. एमईए (MEA) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में उड़ानों की स्थिति में सुधार हो रहा है. इजरायल और कुवैत ने अब अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) को नागरिक उड़ानों के लिए पूरी तरह खोल दिया है. उड़ानों की स्थिति में अब सुधार देखने को मिल रहा है.
हवाई मार्ग खुलने के बाद कुवैत से भारत के लिए दो प्रमुख एयरलाइंस जल्द ही अपना सीमित उड़ान परिचालन (Limited flight operations) फिर से शुरू करने जा रही हैं. खाड़ी क्षेत्र में पिछले कुछ समय से जारी तनाव के चलते हवाई यातायात प्रभावित था, लेकिन एयरस्पेस खुलने से अब यात्रियों को लंबी दूरी और अधिक किराए से राहत मिलने की उम्मीद है.
28 फरवरी से अब तक करीब 12.38 लाख यात्री इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं. यूएई से भारत के लिए रोजाना करीब 110 उड़ानें संचालित हो रही हैं, जबकि सऊदी अरब और ओमान से भी फ्लाइट्स जारी हैं.

वहीं इजरायल में भी एयरस्पेस खुल गया है और सीमित उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं, जिनके जरिए भारत लौटने का विकल्प उपलब्ध है.
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ईरान का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है, लेकिन भारतीय दूतावास ने लोगों को वहां यात्रा न करने की सलाह दी है. जो लोग वहां मौजूद हैं, उन्हें जमीनी रास्तों से बाहर निकलने के लिए कहा गया है. अब तक 2,432 भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें 1,096 छात्र और 657 मछुआरे शामिल हैं.

विदेश मंत्रालय ने बताया कि वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, सहायता और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. इसके लिए विशेष कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम कर रहा है और भारतीय दूतावासों में हेल्पलाइन भी लगातार चालू हैं. भारतीय मिशन स्थानीय सरकारों के संपर्क में हैं और समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर रहे हैं, जिसमें यात्रा, सुरक्षा और अन्य जरूरी जानकारी शामिल है.
अब तक 2,729 से ज्यादा भारतीय नाविक सुरक्षित लौटे- सरकार
वहीं केंद्र सरकार ने कहा कि देश के सभी बंदरगाहों पर किसी तरह की भीड़ या बाधा नहीं है. साथ ही, पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है और सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं.

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डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (डीजी शिपिंग) का कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है, जिसने अब तक 7,553 कॉल और 16,000 से ज्यादा ईमेल्स का जवाब दिया है. पिछले 24 घंटों में ही 150 कॉल और 394 ईमेल प्राप्त हुए हैं. अब तक 2,729 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित भारत वापस लाया जा चुका है, जिनमें 49 लोग पिछले 24 घंटों में लौटे हैं.
सरकार के अनुसार, देश भर के सभी बंदरगाह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी जाम या रुकावट की स्थिति नहीं है. इससे साफ है कि सप्लाई चेन पर फिलहाल कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है और जरूरी सामान की आवाजाही सुचारु बनी हुई है.
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