- इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है.
- इस्तीफे के बाद एयरलाइन के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया अंतरिम रूप से कंपनी के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे.
- इंडिगो पिछले तीन महीनों से परिचालन और तकनीकी समस्याओं का सामना कर रही है, जिससे लाखों यात्री प्रभावित हुए थे.
भारतीय विमानन क्षेत्र में एक बड़े घटनाक्रम के तहत, देश की सबसे सफल और बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) के सीईओ पीटर एल्बर्स ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. एयरलाइन की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, एल्बर्स का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है. नए सीईओ के चयन तक कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया अंतरिम रूप से एयरलाइन के कामकाज और प्रबंधन की कमान संभालेंगे.
पीटर एल्बर्स का यह अचानक इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब इंडिगो पिछले तीन महीनों से अपने परिचालन में भारी अव्यवस्था और तकनीकी संकट का सामना कर रही है. उड़ानों में हुए इस बड़े व्यवधान के कारण लाखों यात्री प्रभावित हुए थे, जिसके चलते विमानन नियामक DGCA ने कंपनी पर भारी जुर्माना भी लगाया था. माना जा रहा है कि इन प्रशासनिक चुनौतियों और नियामक दबाव के बीच नेतृत्व में यह बदलाव एयरलाइन की भविष्य की रणनीति को स्थिर करने के लिए किया गया है.
इंटरग्लोब एविएशन के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा, 'राहुल एयरलाइन के प्रबंधन का कार्य संभालने लौट रहे हैं ताकि कंपनी की संस्कृति को मजबूत किया जा सके, संचालन की उत्कृष्टता को और बढ़ाया जा सके और ग्राहकों को बेहतर देखभाल, भरोसेमंद सेवा और पेशेवर अनुभव प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया जा सके.'

एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने बयान जारी कर कहा कि पीटर एल्बर्स तत्काल प्रभाव से इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो) के सीईओ पद से इस्तीफा दे रहे हैं. निदेशक मंडल संगठन में उनके योगदान और सेवाओं के लिए पीटर को धन्यवाद देता है और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता है.

राहुल भाटिया एयरलाइन के प्रबंधन का कार्यभार संभालेंगे
इंडिगो ने कहा कि इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया अंतरिम रूप से एयरलाइन के प्रबंधन का कार्यभार संभालेंगे, जब तक कि कंपनी एक नए नेता की नियुक्ति की घोषणा नहीं कर देती, जिसकी उम्मीद जल्द ही की जा रही है.
इंडिगो ने कहा कि बोर्ड के अध्यक्ष विक्रम सिंह मेहता ने कहा, “राहुल एयरलाइन के प्रबंधन की बागडोर संभालने के लिए वापस आ रहे हैं, ताकि कंपनी की संस्कृति को मजबूत किया जा सके, परिचालन उत्कृष्टता को सुदृढ़ किया जा सके और अपने ग्राहकों को असाधारण सेवा, विश्वसनीयता और व्यावसायिकता प्रदान करने की प्रतिबद्धता को और गहरा किया जा सके.”
राहुल भाटिया ने कहा, “22 वर्षों तक इंडिगो की स्थापना और उसे आगे बढ़ाने के बाद, मैं अपने राष्ट्र और एयरलाइन के ग्राहकों, कर्मचारियों, शेयरधारकों और अन्य सभी हितधारकों के प्रति गहरी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी महसूस करता हूं. संस्कृति, सेवा उत्कृष्टता और हितधारक विश्वास को अपने संचालन में सर्वोपरि रखते हुए, इंडिगो पेशेवर रूप से प्रबंधित, परिचालन रूप से विश्वसनीय और विश्व स्तर पर सम्मानित एयरलाइन के साथ भारत और उसके लोगों की सेवा करने पर अपने रणनीतिक फोकस को और तेज करना जारी रखेगा.”
करीब तीन साल पहले इंडिगो के सीईओ बने पीटर एल्बर्स के कार्यकाल में एयरलाइन ने तेजी से विस्तार किया. उनके नेतृत्व में कंपनी की आमदनी 10 अरब डॉलर से अधिक हो गई और एयरलाइन का फ्लीट बढ़कर 440 से ज्यादा विमानों तक पहुंच गया.
इसी दौरान इंडिगो ने एयरबस के साथ ए320 फैमिली के 500 विमानों का ऐतिहासिक ऑर्डर भी दिया, जिसे विमानन इतिहास के सबसे बड़े ऑर्डर में से एक माना जाता है.
हालांकि इन उपलब्धियों के बावजूद, दिसंबर 2025 में आए बड़े परिचालन संकट ने उनके कार्यकाल को प्रभावित किया. यह संकट तब पैदा हुआ, जब एयरलाइन को पायलटों की थकान रोकने के लिए बनाए गए नए नियमों को लागू करने में दिक्कतें आईं.
3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो ने 2,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं, जबकि करीब 1,900 उड़ानों में देरी हुई. इससे देश भर में 3 लाख से ज्यादा यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
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