वेनेजुएला से भारत वापस लाए गए एक भारतीय नाविक के शव को देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई. पीड़ित परिवार का आरोप है कि मृतक के शरीर से कई अंग गायब हैं. ‘फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया' (FSUI) ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
मृतक नाविक की पहचान उत्तर प्रदेश के रहने वाले राकेश चौहान के तौर पर हुई है. बताया जा रहा है कि वेनेजुएला में संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद उनके शव को कानूनी प्रक्रियाओं के तहत भारत भेजा गया. लेकिन शव की जो हालत थी, उसने मौत के कारणों पर गहरा संशय पैदा कर दिया है.
वेनेजुएला प्रशासन ने नहीं सौंपी पोस्टमार्टम रिपोर्ट
FSUI (फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया) का कहना है कि वेनेजुएला के अधिकारियों ने नाविक राकेश चौहान का शव तो भारत भेज दिया, लेकिन मौत की वजहों को लेकर कोई साफ जानकारी नहीं दी. सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि शव के साथ कोई पोस्टमार्टम रिपोर्ट या विस्तृत आधिकारिक दस्तावेज भी परिवार को नहीं सौंपे गए, जिससे यह पता चल सके कि आखिर उनकी मौत किन हालातों में हुई थी.
⚠️ SHOCKING CASE — Indian Seafarer #RakeshChauhan reported dead in #Venezuela.
— FSUI (@FSUIINDIA) June 30, 2026
Mortal remains sent back to his hometown in Uttar Pradesh without any autopsy report or details from Venezuelan authorities.
Family demanded re-autopsy. The official Post-Mortem Report conducted in… pic.twitter.com/4dGSZtPEfp
मौत की असली वजह नहीं बताई गई
देवरिया जिले के लंगड़ा बाजार टोला निवासी राकेश चौहान पिछले साल नवंबर में मर्चेंन्ट नेवी नौकरी करने के लिए वेनेजुएला गए थे. 2023 मे राकेश की शादी हुई थी. उनका 6 महीने का एक बेटा है. परिवार वालों ने बताया कि राकेश की मौत की खबर उनके ऑफिस से आई थी और कहा गया था कि 60 दिन में शव मिल जाएगा.
परिवार का कहना है कि ऑफिस से जानकारी मिली थी कि राकेश जहाज पर गिर गए हैं और उन्हें चोट लगी है, जिसका इलाज चल रहा है. फिर दूसरे दिन बताया गया कि 95 प्रतिशत बचने की उम्मीद नहीं है. फिर शाम को राकेश चौहान की मौत की खबर आई. फिर बहुत मुश्किलों के बाद राकेश का शव भारत आया. लेकिन भारत में डॉक्टरों ने पोस्टमॉर्टम करने से इनकार कर दिया.
FSUI ने एक्स पर लिखा, "भारत में की गई ऑफिशियल पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट से एक डरावनी सच्चाई सामने आई. शरीर में एक भी ऑर्गन नहीं मिला. ब्रेन, हार्ट, दोनों फेफड़े, लिवर, किडनी, स्प्लीन, पैंक्रियास, पेट, इंटेस्टाइन, थायरॉइड, हायोइड, लैरिंक्स और ट्रैकिया सब गायब थे. शरीर पर पहले से बहुत ज़्यादा टांके लगे थे (गर्दन से प्यूबिक सिम्फिसिस तक 22 टांके + कान से कान तक 21 टांके). मौत से पहले कोई चोट नहीं मिली. शरीर को लगभग एक महीने तक डीप फ्रीज़ में रखा गया. यह मंजूर नहीं है. नाविक बलि का बकरा बन रहे हैं."
कंपनी पर कार्रवाई चाहते हैं राकेश के पिता
राकेश के पिता रामदेव चौहान अपने बेटे का अंतहीन राह देख रहे हैं. उन्होंने एनडीटीवी को बताया, "हमें धोखे में रखा गया डेड बॉडी का पोस्टमार्टम हो चुका था, डी. एम. के आदेश के बाद दोबारा पोस्टमॉर्टम हुआ तो पता चला की शरीर से अंग गायब है. मौत का कारण भी नहीं पता चल सका. हम सरकार से मांग करते है कंपनी पर कार्रवाई की जाए और जांच किया जाए."
राकेश के गांव के पूर्व प्रधान घनश्याम सिंह का कहना है कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. वह इकलौता कमाने वाला लड़का था और 8 महीना पहले लगभग वेनेजुएला गया था और कंपनी की साजिश का शिकार हुआ है. इसकी हत्या की गई है. इसका अंग तस्करी किया गया है क्योंकि यहां जब आया था उसका पूरा अंग गायब हुआ जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आया तो पता चला. इसलिए हम पूरा परिवार चाहता है कि पूरे मामले की सरकार उच्चतर स्तरीय जांच कर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करें और इनको मुआवजा दे.
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