- मंगोलिया के उलानबटार में चल रहे खान क्वेस्ट 2026 बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास में भारतीय सेना भी शामिल
- भारतीय सैनिकों ने आईईडी निपटान, घायल उपचार और सैन्य काफिल सुरक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया
- अभ्यास में UN के शांति मिशनों के लिए चेक पोस्ट संचालन, घेराबंदी और भीड़ नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया गया
मंगोलिया की राजधानी उलानबटार के फाइव हिल्स ट्रेनिंग एरिया में खान क्वेस्ट 2026 युद्धाभ्यास जारी है. इसमें भारतीय सेना का दल भी हिस्सा ले रहा है. यह एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास है. इसमें कई देशों की सेनाएं शामिल हैं. इसका उद्देश्य एक-दूसरे से सीखना और साथ मिलकर काम करने की क्षमता बढ़ाना है. यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है. इसका मकसद अलग-अलग देशों के सैनिकों के बीच बेहतर तालमेल बनाना भी है.
कठिन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण
भारतीय सैनिकों ने कई तरह के सैन्य अभ्यास किए. उन्होंने आईईडी यानी सड़क किनारे लगाए गए बमों से निपटने का प्रशिक्षण लिया। घायल सैनिकों को तुरंत इलाज देने का अभ्यास भी किया. सैनिकों ने सैन्य काफिलों की सुरक्षा का अभ्यास किया। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून की भी जानकारी हासिल की. उन्हें जिनेवा कन्वेंशन के नियमों के बारे में बताया गया। इन नियमों का पालन युद्ध और शांति मिशनों के दौरान किया जाता है. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सैनिकों को मुश्किल हालात के लिए तैयार करना है. ताकि वे जरूरत पड़ने पर लोगों की सुरक्षा कर सकें, राहत पहुंचा सकें. सैनिकों और जरूरी सामान की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर सकें.

शांति मिशन से जुड़े अहम अभ्यास
भारतीय दल ने शांति मिशनों में इस्तेमाल होने वाली कई अहम प्रक्रियाओं का भी अभ्यास किया. सैनिकों ने चेक पोस्ट चलाने का अभ्यास किया। घेराबंदी और तलाशी की कार्रवाई सीखी. भीड़ को नियंत्रित करने के तरीके अपनाए. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की संपत्तियों की सुरक्षा का अभ्यास भी किया. जरूरतमंद नागरिकों तक मानवीय सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया भी दोहराई. इन अभ्यासों का उद्देश्य सैनिकों को हर तरह की चुनौती के लिए तैयार करना है. आधुनिक शांति मिशनों में सिर्फ हथियार चलाना ही काफी नहीं होता। धैर्य, अनुशासन और आम लोगों के प्रति संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी होती है.

खेल मैदान में भी दिखी भारतीय सैनिकों की ताकत
सैन्य अभ्यास के साथ खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं. भारतीय सेना की जाट रेजिमेंट के सैनिकों ने क्रॉसफिट और वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया. उन्होंने शानदार फिटनेस, ताकत और टीम भावना का प्रदर्शन किया. उनके प्रदर्शन की दूसरे देशों के सैनिकों ने भी सराहना की. इन प्रतियोगिताओं ने अलग-अलग देशों के सैनिकों के बीच दोस्ती और भरोसा बढ़ाने का भी काम किया.

भारत की भूमिका फिर हुई मजबूत
भारतीय सेना लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सक्रिय रही है. दुनिया के कई देशों में भारतीय सैनिक शांति स्थापित करने के मिशनों का हिस्सा रहे हैं. खान क्वेस्ट 2026 में भी भारतीय दल ने अपने अनुशासन, पेशेवर क्षमता और तैयारी का प्रदर्शन किया. यह अभ्यास बताता है कि भारत वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही भारतीय सेना बहुराष्ट्रीय अभियानों में किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
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