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भारत पर भी फ्लाईदुबई फ्लाइट जैसे खतरे की आशंका, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क; SOP में बदलाव की तैयारी

इस्लामिक कट्टरपंथ का मतलब ऐसी सोच से है, जिसमें कोई व्यक्ति धर्म की बहुत सख्त और चरम सोच को ही सही मानता है. वह दूसरे धर्म, विचार या लोगों को गलत मानने लगता है. फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई घटना के केंद्र में भी यहीं सोच बताई जा रही है. भारत पर भी ऐसे खतरे का डर है.

भारत पर भी फ्लाईदुबई फ्लाइट जैसे खतरे की आशंका, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क; SOP में बदलाव की तैयारी
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हमले जैसी खतरे की आशंका भारत पर भी है.
NDTV
नई दिल्ली:

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में जो कुछ हुआ, उसने पूरी दुनिया में सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है. भारत में भी सुरक्षा एजेसियां इससे सतर्क हो गई है. फ्लाईदुबई फ्लाइट में पायलट पर हुए हमले में अभी तक की जांच में यह सामने आया है कि आरोपी हमलावर इस्लामी कट्टरपंथ सोच का था. सऊदी अरब ने हमलावर UAE को सौंप दिया है. जहां जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही है. इधर इस घटना के बाद भारत में भी कट्टरपंथ इस्लामी सोच वाले हमलावरों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों ने अपने SOP में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है. 

भट्टी के जाल में फंसते-फंसते बचा गुजरात का लड़का 

बीते दिनों NDTV ने पाकिस्तानी के आतंकी शहजाद भट्टी के गैंग में शामिल होने जा रहे गुजरात में एक लड़के का इंटरव्यू किया था. एनडीटीवी से बातचीत में लड़के ने कहा था कि वह रेडिकलाइज होकर इस्लामिक कट्टरपंथी हो गया था और फ़िलिस्तीन में जिहाद के लिए जाने वाला था. लड़के का साफ कहना था कि मुझे कट्टरपंथी वीडियो, पोस्ट और तराने अच्छे लगते थे.

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फ्लाईदुबई वाली घटना को लेकर भारत की एजेंसियां सतर्क

सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार Fly Dubai में हुई हाईजैकिंग की कोशिश को लेकर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट है. हालांकि flydubai घटना की जांच में अभी भारतीय एजेंसियां शामिल नहीं लेकिन घटना पर भारत की खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर है. क्योंकि भारत में इस्लामी कट्टरपंथ सोच वाले कई आतंकी मॉड्यूल सामने आ चुके हैं. 

इसके चलते सुरक्षा एजेंसियां फ्लाइट ऑपरेशंस में सुरक्षा में कई तरह के बदलाव कर सकती हैं. SOP में ये बदलाव फ्लाइट की सुरक्षा बढ़ाने को लेकर की जाएगी. इसका बड़ा कारण है कि भारत मे युवाओं को इस्लामिक कट्टरपंथ की ओर ले जाने के कई बड़े केस सामने आ चुके हैं. 

भारत में सामने आए इस्लामी कट्टरपंथ के बड़े मामले

कासरगोड ISIS केस

भारत के कट्टरपंथ के सबसे चर्चित शुरुआती मामलों में केरल का कासरगोड केस है. NIA के मुताबिक, कासरगोड जिले के 14 युवा मई से जुलाई 2016 के बीच अपने परिवारों के साथ भारत से बाहर गए और ISIS से जुड़ गए. 2021 में NIA की विशेष अदालत ने इस केस के आरोपी नशीदुल हमजफर को दोषी ठहराया. NIA के मुताबिक उसने ISIS में शामिल होने के इरादे से भारत छोड़ा था और बाद में अफगानिस्तान पहुंचा, जहां उसे वहां की सुरक्षा एजेंसियों ने पकड़ा. 

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नागपाड़ा ISIS

NIA के आधिकारिक केस रिकॉर्ड के मुताबिक, अशफाक माजिद और उसके साथियों को उग्र जिहादी विचारधारा फैलाने के आरोप में पकड़ा गया था. जांच एजेंसी के अनुसार कासरगोड के कुछ युवाओं और कुछ अन्य लोगों ने अशफाक तथा उसके साथियों को मोटिवेट करते हुए उन्हें कट्टरपंथी बनाकर ISIS में शामिल होने की दिशा में ले गए. 

वांडूर ISIS केस

केरल का वांडूर ISIS केस भी कट्टरपंथों की भर्ती की कड़ी को समझने के लिए महत्वपूर्ण है. NIA के मुताबिक आरोपियों ने ISIS में शामिल होकर उसकी विचारधारा का समर्थन किया और लोगों को संगठन में शामिल कराने के लिए मोटिवेट किया. ISIS की भर्ती में भी आरोपी शामिल रहे. 

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केरल ISIS मॉड्यूल 2021

मार्च 2021 में NIA ने केरल, कर्नाटक और दिल्ली में एक ISIS मॉड्यूल से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की. NIA के मुताबिक मोहम्मद अमीन उर्फ ​​अबू याहया के नेतृत्व वाला समूह टेलीग्राम, हूप और Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ISIS प्रचार वाले चैनल चला रहा था. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि इन प्लेटफॉर्म के जरिए ISIS की हिंसक जिहादी विचारधारा का प्रचार किया जा रहा था और नए सदस्यों को कट्टरपंथी बनाकर आतंकी संगठनों में भर्ती करने की कोशिश की जा रही थी. 

NIA के मुताबिक इस समूह ने कुछ युवाओं को टारगेट किलिंग के लिए भी चिह्नित किया था और J&K जाकर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए जिहाद की योजना भी बनाई गई थी. 

दिल्ली- पडघा ISIS मॉड्यूल

दिल्ली-Padgha ISIS module हाल के सालों का एक बड़ा मामला है. NIA के मुताबिक यह केस vulnerable युवाओं को ISIS ideology में radicalise और recruit करने तथा IED बनाने की तैयारी से जुड़ा था. NIA के रिकॉर्ड में मोहम्मद आदिल खान से जुड़ा केस ISIS propaganda ... through social media platforms के तौर पर दर्ज है. 

विजयनगरम ISIS केस

2025 में सामने आया विजयनगर ISIS टेरर मॉड्यूल है. जिसमें डिजिटल कट्टरपंथ के बदलते स्वरूप का एक और उदाहरण है. सितंबर 2025 में NIA ने आठ राज्यों में 16 ठिकानों पर तलाशी ली. एजेंसी के मुताबिक इस मामले में युवाओं को अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए कट्टरपंथी बनाकर आतंकी संगठनों में भरने की साजिश की जांच की जा रही थी. 

NIA के अनुसार आरोपियों ने Instagram, Facebook, Telegram और Signal जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को indoctrinate करने की कोशिश की. NIA के 2026 के केस रिकॉर्ड में विजयवाड़ा का मामला दर्ज है. उसी साल NIA के रिकॉर्ड में AQIS से जुड़े एक केस में आरोप है कि प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोगों ने समान विचार वाले युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर भर्ती करने की प्रक्रिया चलाई. 

क्या है इस्लामिक कट्टरपंथ

इस्लामिक कट्टरपंथ का मतलब ऐसी सोच से है, जिसमें कोई व्यक्ति धर्म की बहुत सख्त और चरम सोच को ही सही मानता है. वह दूसरे धर्म, विचार या लोगों को गलत मानने लगता है. धीरे-धीरे यह सोच नफरत, अलगाव और दूसरों पर अपनी विचारधारा थोपने तक पहुंच सकती है. कुछ मामलों में कट्टरपंथी संगठन युवाओं को हिंसा और आतंक की तरफ भी ले जाते हैं.

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