भारत लगातार अंतरिक्ष में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है. भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो ने कई सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे हैं. लेकिन अब भारत अंतरिक्ष में अपना स्पेस स्टेशन बनाने के मिशन पर काम कर रहा है. इससे पहले भारत पहला मानव मिशन 'गगनयान' भी लॉन्च करेगा. इन दोनों मिशनों की जानकारी और अपडेट संसद में सरकार ने दिया है. सरकार ने बताया कि इसरों 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करेगा.
सरकार ने लोकसभा में बताया कि भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तेजी से काम चल रहा है. गगनयान के लिए जरूरी कई तकनीकें और सिस्टम तैयार किए जा चुके हैं, जबकि पहला मानव रहित परीक्षण मिशन 2026 की चौथी तिमाही में लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में लिखित जवाब में इसकी जानकारी दी.
गगनयान मिशन की कितनी तैयारी हुई?
सरकार के मुताबिक, गगनयान मिशन के लिए मानव उड़ान को सुरक्षित बनाने से जुड़ी कई अहम तकनीकें विकसित और परीक्षण की जा चुकी हैं.
- ह्यूमन रेटेड लॉन्च व्हीकल (HLVM3): सभी प्रोपल्शन स्टेज और स्ट्रक्चर का डेवलेपमेंट पूरा हो चुका है और जरूरी ग्राउंड टेस्टिंग भी सफलतापूर्वक पूरी हुई.
- ऑर्बिटल मॉड्यूल: क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल के प्रोपल्शन सिस्टम डेवलेप और क्वालिफाई किए जा चुके हैं.
- एनवायरनमेंटल कंट्रोल एंड लाइफ सपोर्ट सिस्टम (ECLSS) का इंजीनियरिंग मॉडल तैयार.
- थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम, डीसेलरेशन सिस्टम, क्रू मॉड्यूल अप-राइटिंग सिस्टम और एवियोनिक्स का डेवलेपमेंट और टेस्टिंग पूरी.
- क्रू एस्केप सिस्टम (CES): पांच प्रकार के मोटर डेवलेप किए गए और इनकी टेस्टिंग भी हुई.जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो चुका है.
ISRO ने गगनयान मिशन के लिए जरूरी फैसिलिटी भी तैयार कर ली हैं. इनमें ऑर्बिटल मॉड्यूल तैयारी फैसिलिटी, गगनयान कंट्रोल सेंटर, गगनयान कंट्रोल फैसिलिटी, अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग फैसिलिटी, दूसरे लॉन्च पैड में जरूरी बदलाव और टेस्ट मिशन में मिली सफलता शामिल है.
ये टेस्ट हुए सफल
- TV-D1 मिशन के जरिए क्रू एस्केप सिस्टम का इन-फ्लाइट परीक्षण सफल रहा.
- IADT-01 और IADT-02 परीक्षणों में क्रू मॉड्यूल के डीसेलरेशन सिस्टम को सफलतापूर्वक परखा गया.
- अब TV-D2 मिशन की तैयारियां चल रही हैं.
2026 में होगा पहला मानव रहित मिशन
ISRO पहली बार डेवलेप की गई नई टेक्नोलॉजी को परखने के लिए 2026 की चौथी तिमाही में पहला मानव रहित परीक्षण मिशन लॉन्च करने की योजना बना रहा है. इस मिशन में ह्यूमनॉइड रोबोट 'व्योममित्र', नई लाइफ सपोर्ट तकनीक और अन्य जरूरी सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा. सरकार ने बताया कि 2027 तक दो मानव रहित मिशन पूरे करने का लक्ष्य है. इसके बाद पहला मानवयुक्त गगनयान मिशन भेजा जाएगा.
2035 तक बनेगा भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन
सरकार ने बताया कि भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) को 2035 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है. ISRO ने अंतरिक्ष स्टेशन का पूरा डिजाइन तैयार कर लिया है. स्टेशन में कुल 5 मॉड्यूल होंगे. पहले मॉड्यूल BAS-01 के विकास और लॉन्च को मंजूरी मिल चुकी है. विभिन्न तकनीकों और सिस्टमों के विकास का काम ISRO के केंद्रों में जारी है.
20 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी
सितंबर 2024 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गगनयान और अंतरिक्ष स्टेशन सहित कुल 8 अंतरिक्ष मिशनों के लिए 20193 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी थी.
गगनयान मिशन में ISRO कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ काम कर रहा है. इसमें यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA), ऑस्ट्रेलियाई स्पेस एजेंसी, फ्रांस की CNES और रूस की रोस्कोस्मोस एजेंसी शामिल है.
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