- 2029 तक शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट से रोजाना 400 मिलियन लीटर पीने योग्य पानी मिलेगा.
- डिसेलिनेशन तकनीक के जरिए समुद्र के खारे पानी से नमक और अन्य अशुद्धियां हटाई जाएंगी.
- मुंबई को फिलहाल रोज करीब 4,664 MLD पानी चाहिए, जबकि उपलब्धता लगभग 4,100 MLD है.
मुंबई में बढ़ती पानी की मांग को देखते हुए BMC ने 4,007 करोड़ रुपये की लागत से मनोरी में विशाल डिसेलिनेशन प्लांट बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. 2029 तक शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट से रोजाना 400 मिलियन लीटर (400 MLD) पीने योग्य पानी मिलेगा और मुंबई इस पैमाने पर समुद्री पानी को पीने के पानी में बदलने वाला भारत का दूसरा शहर बन जाएगा.
कैसे काम करेगा यह प्लांट?
डिसेलिनेशन तकनीक के जरिए समुद्र के खारे पानी से नमक और अन्य अशुद्धियां हटाई जाएंगी. फिल्टरिंग और हाई-प्रेशर मेम्ब्रेन तकनीक के बाद पानी को पीने योग्य बनाया जाएगा. बचा हुआ अत्यधिक खारा पानी सुरक्षा मानकों के तहत दोबारा समुद्र में छोड़ा जाएगा.

आखिर जरूरत क्यों पड़ी?
मुंबई को फिलहाल रोज करीब 4,664 MLD पानी चाहिए, जबकि उपलब्धता लगभग 4,100 MLD है. यानी शहर को हर दिन 500-600 MLD पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है. कमजोर या देर से आने वाले मॉनसून के दौरान यह संकट और बढ़ जाता है. बढ़ती आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों को देखते हुए BMC अब बारिश पर निर्भरता कम करने और पानी की स्थायी व्यवस्था बनाने के लिए समुद्र के पानी को नए जल स्रोत के रूप में इस्तेमाल करने जा रही है.
यह भी पढ़ें- क्या एक दिन समुद्र के नीचे होगी मुंबई ? UN रिपोर्ट में बड़ा अलर्ट, 1.4 करोड़ लोगों के घरों पर खतरा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं