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This Article is From Oct 31, 2025

भारत ने "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार" अभियान के तहत 3 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स हासिल किया

स्वस्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश के हर जिले तक इस अभियान को पहुंचाने के लिए 19.7 लाख स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया और इसमें 11 करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया.

भारत ने "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार" अभियान के तहत 3 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स हासिल किया

भारत ने "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार" अभियान के तहत तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का खिताब हासिल किया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक राष्ट्रव्यापी "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान" (SNSPA) अभियान के तहत ये तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के खिताब महिला-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

भारत के हासिल किए गए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स

  • एक महीने में स्वास्थ्य सेवा प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराने वाले सबसे ज्यादा लोग – 3,21,49,711 (3.21 करोड़ से ज्यादा)
  • एक हफ्ते में ऑनलाइन स्तन कैंसर की जाँच के लिए पंजीकरण कराने वाले सबसे ज्यादा लोग – 9,94,349 (9.94 लाख से ज़्यादा)
  • एक हफ्ते में ऑनलाइन महत्वपूर्ण संकेतों की जांच के लिए पंजीकरण कराने वाले सबसे ज्यादा लोग (राज्य स्तर पर) – 1,25,406 (1.25 लाख से ज्यादा)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोषण माह के साथ जोड़कर  17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2025 तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी अभियान "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान" का शुभारंभ किया था. यह विशेष अभियान महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य early detection को मजबूत करना, आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक आम महिलाओं की पहुंच सुनिश्चित करना और परिवारों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए मजबूत बनाना है.

इसे लांच करते हुए पीएम मोदी ने कहा था, "हमारी माताएं, बहनें और हमारी नारी शक्ति हमारे राष्ट्र की प्रगति की नींव हैं. अगर एक मां स्वस्थ है, तो पूरा परिवार स्वस्थ रहता है."

19.7 लाख स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया

स्वस्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश के हर जिले तक इस अभियान को पहुंचाने के लिए 19.7 लाख स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया और इसमें 11 करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया. इस अभियान में 20 से अधिक मंत्रालयों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिनमें केंद्र सरकार के संस्थान, मेडिकल कॉलेज और निजी संगठन शामिल थे. इस अभियान में सांसदों, विधान सभा सदस्यों और सभी संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों ने भी भाग लिया, जिससे यह एक "समग्र सरकार" अभियान बन गया.

अभियान में 5 लाख से अधिक पंचायती राज प्रतिनिधियों, 1.14 करोड़ से अधिक स्कूल और कॉलेज के छात्रों, 94 लाख स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों और 5 लाख अन्य सामुदायिक मंच के सदस्यों ने भाग लिया, जो सामुदायिक जुड़ाव के सबसे बड़े प्रयासों में से एक था. इसके लिए हेडलाइन बनाएं

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