लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के घर सुनहरी बाग रोड पर इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक हुई, जिसमें सभी दलों के सांसद शामिल हुए. इस बैठक में समाजवादी पार्टी के 22 सांसद भी शामिल थे. उद्धव शिवसेना के भी सांसद भी मौजूद रहे. ये बात यहां बताना इसलिए जरूरी है कि इन्हीं दोनों दलों पर गैरहाजिर रहने का आरोप पिछले दिनों लगता रहा. कहने का मतलब है कि इंडिया गठबंधन मंगलवार को भी पूरे ताकत से साथ था. कुछ ऐसा ही जो उन्होंने सोमवार को दिल्ली के सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन करके दिखाया था. सोमवार को हुए अच्छे प्रदर्शन और बाद में सुप्रीम कोर्ट में ज्ञापन देने के बाद इंडिया गठबंधन के हौसले बुलंद हैं.
गोल मेज और अलग-अलग राज्यों के सांसद
मंगलवार को जब राहुल गांधी के घर पर ये नेता पहुंचे तो चाय पर चर्चा के दौरान कई बातें हुईं. राहुल गांधी के घर पर करीब 40 के आसपास गोल मेजें लगी हुईं थीं, जिस पर अलग-अलग राज्यों के सांसद बैठे हुए थे जैसे कि समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने NDTV को बताया कि उनके मेज पर केरल के कांग्रेस के कुछ सांसद भी थे और हमने उत्तरप्रदेश में सपा सरकार बनाने के बारे में बातचीत की. हो सकता है कि उन सपा सांसद ने ये बात मजाक में कही हो मगर हर टेबल को अलग-अलग राज्यों के सांसद थे और ये जानबूझकर किया गया था सब आपस में आज के हालात पर चर्चा करें.

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आगे का प्लान क्या है?
अब सबसे अहम बात कि आगे क्या होगा जिस शिव तांडव की बात राहुल गांधी कर रहे थे? उसका क्या यानी आगे का क्या प्लान है? बैठक में बिहार, उत्तरप्रदेश, बंगाल के सांसदों ने दुर्गा पूजा की बात की. फिर यह तय हुआ कि आगे कुछ दिनों तक कोई धरना प्रदर्शन नहीं होगा यानी कुछ दिनों का विराम मगर इंडिया गठबंधन के एक सांसद ने NDTV को बताया कि आप लोग दो दिनों तक रिलैक्स कर सकते हो, कहने का मतलब है कि नवरात्रि और दिवाली के बाद ही सड़क पर विपक्ष उतरेगा.
यह भी कहा गया कि कांग्रेस और बाकी दलों ने साफ कर लिया है कि फिलहाल CJP से दूरी बनाई रखी जाए. मगर सीजेपी ने कहा कि जरूरी है सारे देश को इकट्ठा होकर ऐसे प्रोटेस्ट करने की. आम आदमी पार्टी से भी दूरी बना कर रखने पर भी बात हुई. दरअसल इंडिया गठबंधन के दल इस बात से नाराज हैं कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में हुए प्रदर्शन से अपने आप को अलग रखा. एक और खबर ये है कि समाजवादी पार्टी ने आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर को गठबंधन से दूर रखने की बात कही.

नेहा बोरा को ज्यादा अहमियत
इंडिया गठबंधन की इस बैठक का सबसे अहम मुद्दा रहा आईसा की नेहा बोरा. उसे प्रेस कांफ्रेंस में बुलवाया भी गया मगर एनएसयूआई के किसी नेता को बोलने नहीं दिया गया. सोमवार को हुए प्रदर्शन में भी जब ट्रक पर सभी नेता मौजूद थे तब नेहा बोरा को काफी अहमियत दी गई. प्रियंका गांधी ने उसे अपने बगल में खड़ा कर रखा था. अब लगता है कि कांग्रेस के अंदर ही एक वामपंथी धारा चल रही है. हालांकि पहले भी कन्हैया सीपीएम से कांग्रेस में आ चुके हैं तो क्या कांग्रेस में एक और वामपंथी नेता की एंट्री होने वाली है? अब ये चर्चा हो रही है कि विपक्ष आगे क्या करेगा? जो दबाव विपक्ष ने अभी तक बनाया है उसका क्या होगा? विपक्ष ने मंगलवार की बैठक में यह भी तय किया है कि जंतर मंतर को जो प्रर्दशन स्थल से हटाया गया है उस पर भी लड़ाई लड़ी जाएगी. इसके लिए कानूनी और राजनीतिक लड़ाई भी लड़ी जाएगी.
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