दिल्ली–श्री माता वैष्णो देवी स्पेशल ट्रेन के एक स्लीपर कोच में लुधियाना के पास दरार मिलने के बाद रेलवे ने बड़ा एक्शन किया है. रेलवे ने देशभर में ICF कोचों की सुरक्षा जांच के दिए विशेष निर्देश दिए हैं. मंत्रालय के निर्देश पर अब सभी ICF कोचों की अगले एक सप्ताह के भीतर जांच होगी. जिन कोचों में ज्यादा जंग या क्षरण पाया जाएगा, उन्हें तत्काल हटाया जाएगा.
अगले एक महीने में किया जाएगा ऑडिट
जानकारी के अनुसार, रेलवे मुख्यालय, वर्कशॉप और मंडल स्तर के अधिकारी इन कोचों की जांच करेंगे. क्षेत्रीय रेलवे ने जांच और सुरक्षा उपायों से जुड़ा जानकारीपूर्ण वीडियो भी जारी किया है. कोचों के संवेदनशील हिस्सों की जांच के लिए इंडोस्कोपी कैमरा और अल्ट्रासोनिक थिकनेस गेज जैसे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा. कोचों की ओवरहॉलिंग करने वाली सभी रेलवे वर्कशॉप का अगले एक महीने में ऑडिट किया जाएगा.
रेलवे अपनी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया को आसान बना रहा है, ताकि अत्यधिक क्षतिग्रस्त या मरम्मत में बहुत महंगे कोचों को जल्दी सेवा से हटाया जा सके.
क्या बोले रेलवे अधिकारी?
एक वरिष्ठ रेल अधिकारी ने कहा, ‘शुरुआती जांच में पता चला है कि एक डिब्बे के संवेदनशील हिस्से में काफी जंग लगी हुई थी, जिसकी वजह से यह दुर्घटना हुई. हमने तत्काल और कड़े सुधारात्मक उपाय करने और सभी आईसीएफ डिब्बों के लिए संरक्षा अभियान शुरू करने का फैसला किया है, जिसके तहत संवेदनशील हिस्सों में जंग और क्षरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.' उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह तक सभी डिब्बों का निरीक्षण किया जाएगा और जिन डिब्बों में काफी जंग लगी होगी, उन्हें सेवा से हटा दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि मुख्यालय, कार्यशाला और मंडल स्तर के अधिकारी इन निरीक्षणों की निगरानी करेंगे.
6 जून को हुई घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे थे. चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री भारत की सबसे बड़ी रेल कोच निर्माता फैक्ट्री है. यह प्रमुख रूप से आधुनिक सेमी-हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस बनाती है, जिसमें चेयर कार और स्लीपर दोनों शामिल हैं.
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