दिल्ली में प्रदर्शन कर रही CJP से निष्कासित विजेता दहिया ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने की साजिश की गई है. NDTV के शो में विजेता दहिया ने कहा कि मुद्दे से भटकाने के लिए ये सब किया गया. विजेता दहिया ने कहा कि मैं वहां 48 घंटे से मौजूद था. उस समय माहौल ऐसा था कि किसी भी वक्त समस्या हो सकती थी. मुझे बदनाम किया गया कि मैं बर्गर खाने चला गया. अरे भाई, 48 घंटे से जगा हुआ था, भूख लगती है तो इंसान खाता है. एक बर्गर खाने पर इतना बड़ा मुद्दा बना दिया गया, जबकि असली मुद्दा पेपर लीक और छात्रों का भविष्य था.
'मैं पीछे हट गया ताकि आंदोलन बचा रहे'
उन्होंने कहा कि बीजेपी की तरफ से इतना प्रोपेगैंडा बनाया गया कि आंदोलन डिरेल हो सकता था. मुझे लगा कि अगर मेरे पीछे विवाद खड़ा होने से आंदोलन प्रभावित हो रहा है, तो मैं पीछे हट जाता हूं ताकि आंदोलन बचा रहे. बार-बार मेरी ही बात की जा रही है, जबकि असली सवाल यह है कि पेपर लीक गलत हुआ या नहीं, जिम्मेदारी तय होनी चाहिए या नहीं. विजेता दहिया का बर्गर महत्वपूर्ण नहीं है, छात्रों का मुद्दा महत्वपूर्ण है.
'भूख तो लगती ही है'
उन्होंने आगे कहा कि हां खा लिया बर्गर.. इसके लिए जान लोगे क्या? भूख लगती है तो खाता है इंसान. मैं 48 घंटे से वहां जगा हुआ था. गिरने वाला था. जो लोग घर पर बैठे हुए हैं, वो इस पर ज्ञान दे रहे हैं.
विजेता दहिया ने ये भी कहा कि कुछ इन्फ्लुएंसर्स को 4 से 7 लाख रुपये तक ऑफर किए गए ताकि मेरी, सौरभ और अभिजीत की छवि खराब की जा सके. मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए इतना बवंडर खड़ा किया गया. मेरा कहना है कि आंदोलन पर बात होनी चाहिए, व्यक्तियों पर नहीं.
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