- मुर्शिदाबाद में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामले में हुमायूं कबीर ने उच्च न्यायालय का रुख किया है.
- हुमायूं कबीर ने हिंसा की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
- उच्च न्यायालय को दी गई याचिका में क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल करने पर जोर दिया गया है.
मुर्शिदाबाद के कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की तत्काल अपील की गई है. इस बीच हुमायूं कबीर ने मामले को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और मुख्य न्यायाधीश से केस दर्ज करने की अनुमति मांगी. न्यायालय ने याचिका पर विचार करते हुए मामला दर्ज करने की अनुमति दे दी है.
आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में नवादा और रेजीनगर दोनों सीटों पर जीत हासिल की. कबीर को दिसंबर में बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद बनाने के प्रस्ताव के कारण तृणमूल से निलंबित कर दिया गया था. कबीर ने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी भाजपा के राणा मंडल को 27,943 वोटों से हराकर नवादा सीट पर जीत दर्ज की.
चुनावों से ठीक पहले उनकी नई बनी पार्टी को एक झटका लगा, जब असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम ने उनकी पार्टी का साथ छोड़ दिया. इसकी वजह एक वायरल वीडियो था, जिसमें कथित तौर पर कबीर को भाजपा नेताओं के साथ अपनी नजदीकियों के बारे में बात करते हुए देखा गया था.
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