- दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की परेड सुबह दस बजकर तीस मिनट से शुरू होकर लगभग डेढ़ घंटे चलेगी
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को पुष्पांजलि देंगे और परेड का नेतृत्व करेंगे
- परेड में भारतीय सेना का नया युद्ध विन्यास और स्वदेशी बने हल्के बख्तरबंद वाहन सहित एरियल कंपोनेंट भी दिखेगा
दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आज भारत की आन, बान और शान दिखाई देती. भारत का सैन्य शक्ति प्रदर्शन दुनिया देखगी. दिल्ली में गणतंत्र दिवस की परेड 10 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगी. इस दौरान 'वंदे मातरम' के 150 वर्षों के सफर से लेकर ऑपरेशन सिंदूर में दिखाए गए भारतीय सेना के पराक्रम की झलक देखने को मिलेगी. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि होंगे. दिल्ली का मौसम आज साफ है, ऐसे में गणतंत्र दिवस की परेड का लोग आनंद उठा पाएंगे.

- गणतंत्र दिवस पर इस वर्ष राष्ट्रपति भवन से राष्ट्रीय युद्ध स्मारक तक फैले कर्तव्य पथ को भारत की उल्लेखनीय यात्रा को प्रदर्शित करने के लिए भव्य रूप से सजाया गया है. समारोह में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150 साल पुरानी विरासत का एक असाधारण मिश्रण देखने को मिलेगा.
- रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश की अभूतपूर्व विकासात्मक प्रगति, मजबूत सैन्य शक्ति, जीवंत सांस्कृतिक विविधता और जीवन के सभी क्षेत्रों से जुड़े नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को प्रदर्शित किया जाएगा. गणतंत्र दिवस परेड सुबह 10:30 बजे शुरू होगी और लगभग 90 मिनट तक चलेगी. इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के पहुंचने से होगी, जहां वे शहीद नायकों को पुष्पांजलि अर्पित करके राष्ट्र का नेतृत्व करेंगे.
- दिल्ली में 30,000 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है. अकेले नई दिल्ली जिले (परेड रूट) में 10,000 पुलिसकर्मी मुस्तैद हैं. AI तकनीक का इस्तेमाल: पहली बार बड़े स्तर पर 'मेड इन इंडिया' AI ग्लास (चश्मे) का उपयोग हो रहा है. ये चश्मे भीड़ में अपराधियों और संदिग्धों को रियल-टाइम में पहचान कर पुलिस को अलर्ट भेजेंगे. 3,000 से अधिक CCTV कैमरे, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और वीडियो एनालिटिक्स के जरिए 30 कंट्रोल रूम से 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है. जमीनी और हवाई अलर्ट: ऊँची इमारतों पर स्नाइपर तैनात किए गए हैं. साथ ही पड़ोसी राज्यों के साथ तालमेल बिठाकर इंटेलिजेंस शेयरिंग की जा रही है.
- इसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्ति कर्तव्य पथ स्थित सलामी मंच पर परेड देखने के लिए जाएंगे. राष्ट्रपति मुर्मू और दोनों मुख्य अतिथि पारंपरिक बग्गी में आएंगे, जिनके साथ राष्ट्रपति के अंगरक्षक दल, जो भारतीय सेना की सबसे वरिष्ठ रेजिमेंट है, की सुरक्षा होगी.
- परंपरा के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा, जिसके बाद राष्ट्रगान होगा और देश में विकसित 105 मिमी हल्की फील्ड तोपों से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी. 21 तोपों की सलामी 172 फील्ड रेजिमेंट की 1721 सेरेमोनियल बैटरी द्वारा दी जाएगी.
- परेड में कम से कम 100 सांस्कृतिक कलाकार 'विविधता में एकता' की थीम पर प्रस्तुति देंगे. यह भव्य संगीतमय प्रस्तुति राष्ट्र की एकता और समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करेगी.
- यूरोपीय संघ (ईयू) की टुकड़ी में तीन जिप्सी गाड़ियों पर सवार चार ध्वजवाहक शामिल होंगे. वे चार ध्वज लिए हुए दिखाई देंगे- यूरोपीय संघ का ध्वज, जो यूरोपीय संघ का सबसे विशिष्ट प्रतीक है. यूरोपीय संघ के सैन्य स्टाफ का ध्वज, यूरोपीय संघ नौसेना बल अटलांटा का ध्वज और यूरोपीय संघ नौसेना बल एस्पाइड्स का ध्वज भी दिखाई देगा.
- पहली बार, परेड में भारतीय सेना का चरणबद्ध युद्ध विन्यास प्रारूप प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें एरियल कंपोनेंट्स भी शामिल होगा. टोही दल में सक्रिय युद्ध वर्दी में 61वीं कैवलरी शामिल होगी. इसके बाद उच्च गतिशीलता वाला टोही वाहन, भारत का पहला स्वदेशी रूप से निर्मित बख्तरबंद हल्का विशेष वाहन, परेड में शामिल होगा. हवाई सहायता स्वदेशी ध्रुव उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर और इसके सशस्त्र संस्करण, रुद्र द्वारा प्रदान की जाएगी.
- परेड की कमान लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, दिल्ली, संभालेंगे, जो दूसरी पीढ़ी के सेना अधिकारी हैं. मेजर जनरल नवराज ढिल्लों, चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्यालय दिल्ली, जो तीसरी पीढ़ी के सेना अधिकारी हैं, परेड के सेकंड-इन-कमांड होंगे.
- इसके बाद सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों के गौरवशाली विजेताओं की परेड होगी. इनमें परम वीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कप्तान) योगेंद्र सिंह यादव (सेवानिवृत्त) और सूबेदार मेजर संजय कुमार, तथा अशोक चक्र विजेता मेजर जनरल सी.ए. पिथावालिया (सेवानिवृत्त) और कर्नल डी. श्रीराम कुमार शामिल हैं.
PM मोदी ने भारतीयों को दी गणतंत्र दिवस की बधाई
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा, 'सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई. भारत की आन-बान और शान का प्रतीक यह राष्ट्रीय महापर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और नए उत्साह का संचार करे. विकसित भारत का संकल्प और अधिक सुदृढ़ हो, यही कामना है.'

लाल किले पर 26 से 31 जनवरी तक 'भारत पर्व' का आयोजन
गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के तौर पर सरकार 26 जनवरी से लाल किले के प्रांगण में छह दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक और पर्यटन उत्सव 'भारत पर्व' का आयोजन करेगी. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. पर्यटन मंत्रालय ने बताया कि इसका उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे. 'भारत पर्व' मंत्रालय का प्रमुख वार्षिक कार्यक्रम है जिसके तहत भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, कलात्मक और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव मनाया जाता है.
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