- AIMIM ने पहली बार बृहन्मुंबई महानगरपालिका में जीत दर्ज कर शहरी राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत की है
- पार्टी के टिकट पर छह हिंदू और बौद्ध उम्मीदवारों की जीत ने सामाजिक दायरे और समर्थन बढ़ाने का संकेत दिया है
- AIMIM ने छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर, मुंबई समेत कई शहरों में महत्वपूर्ण सीटें जीतकर राजनीतिक समीकरण बदले हैं
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने 2026 के महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज करते हुए शहरी राजनीति में मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है.पार्टी ने एशिया की सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में पहली बार जीत दर्ज की. वहीं तीन नगर निगमों में AIMIM के टिकट पर 6 हिंदू और बौद्ध उम्मीदवारों की जीत ने राजनीतिक हलकों में खास चर्चा पैदा की है.
जीत की उत्साह में पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के निर्देश पर पार्टी के विधायक मोहसिन बिन अब्दुल्लाह बलाला और पूर्व विधायक वारिस पठान ने मुंबई में BMC और TMC (मुंब्रा) के नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात की. बैठक में मुंबई में संगठन विस्तार और आगामी रणनीति पर चर्चा की गई.
AIMIM का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
AIMIM ने 2026 के महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में 112 से अधिक सीटें जीतकर राज्य की शहरी राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत की है. यह प्रदर्शन न केवल पार्टी के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ रहा, बल्कि इसने महाराष्ट्र के पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को भी बदला है.
AIMIM ने छत्रपति संभाजीनगर, मालेगांव, नांदेड-वाघाला, धुले, सोलापुर, नागपुर और अमरावती जैसे शहरी केंद्रों में उल्लेखनीय बढ़त हासिल की, जबकि BMC और ठाणे में सीटें जीतकर पार्टी ने प्रतीकात्मक लेकिन अहम ब्रेकथ्रू दर्ज किया.
इंक्लूसिव राजनीति का संकेत
नगर निगम चुनावों की सबसे अहम बात यह रही कि AIMIM की जीत केवल मुस्लिम बहुल इलाकों तक सीमित नहीं रही.छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और मुंबई—इन तीन नगर निगमों में AIMIM के टिकट पर 6 हिंदू और बौद्ध उम्मीदवार विजयी हुए, जो पार्टी के बढ़ते सामाजिक दायरे और समर्थन को दर्शाता है.
कहां-कहां जीते
- छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद): AIMIM ने 32–33 सीटें जीतकर BJP के बाद दूसरा स्थान हासिल किया.यहां काकासाहेब काकडे (SC), अशोक हिवराले और विजयश्री जाधव विजयी रहे. यह शहर AIMIM की “जय भीम, जय मीम” राजनीति को उल्लेखित करता है .
- नागपुर:AIMIM को 6–7 सीटें मिलीं. पवन कोये (ST) और वर्षा डोंगरे की जीत उल्लेखनीय रही.
- मुंबई (BMC): AIMIM ने 4–8 सीटें जीतकर पहली बार BMC में खाता खोला. गोवंडी-शिवाजी नगर से विजय उबाले, जो दलित समुदाय से आते हैं और पेशे से शिक्षाविद हैं, की जीत खास रही.
कांग्रेस-NCP-SP को झटका
इन नतीजों से कांग्रेस, NCP और समाजवादी पार्टी जैसे दलों के पारंपरिक अल्पसंख्यक गढ़ों में सेंध लगी है. कई मुस्लिम बहुल वार्डों में AIMIM ने इन दलों के वोट आधार को अपने पक्ष में किया. AIMIM के महाराष्ट्र अध्यक्ष इम्तियाज़ जलील ने कहा, “ये नतीजे बताते हैं कि AIMIM का आधार अब केवल मुसलमानों तक सीमित नहीं रहा है.” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि BMC में AIMIM की पहली जीत और 6 हिंदू-बौद्ध उम्मीदवारों की सफलता ने महाराष्ट्र की राजनीति में नए सामाजिक-राजनीतिक समीकरण खड़े कर दिए हैं, जिनका असर आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में दिखाई दे सकता है.
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