- हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने ASI संदीप कुमार लाठर की पत्नी को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है.
- संदीप कुमार लाठर ने अक्टूबर में आत्महत्या की थी और अपने सुसाइड नोट में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे.
- लाठर की पत्नी को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कैंपस स्कूल में गणित शिक्षिका के पद पर नियुक्त किया जाएगा.
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को ऐलान किया कि राज्य पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक यानि कि ASI संदीप कुमार लाठर की पत्नी को रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कैंपस स्कूल में सरकारी नौकरी दी जाएगी. लाठर ने पिछले साल अक्टूबर में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लाठर की पत्नी को सरकारी नौकरी दिए जाने के संबंध में फैसला लिया गया. बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सैनी ने कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि लाठर की पत्नी संतोष कुमारी को सरकारी नौकरी दी जायेगी.
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ASI संदीप लाठर ने क्यों की थी आत्महत्या?
सीएम सैनी ने बताया कि उन्हें रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कैंपस स्कूल में ग्रुप बी गणित की स्नातकोत्तर शिक्षिका के पद पर नियुक्त किया जायेगा. बता दें कि एएसआई ने 14 अक्टूबर को रोहतक जिले में खुद को गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. उन्होंने दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए एक सुसाइड नोट छोड़ा था. पूरण कुमार ने सात अक्टूबर को अपने आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या की थी.
संदीप लाठर ने सुसाइड नोट में क्या लिखा था?
संदीप लाठर रोहतक की साइबर सेल में तैनात थे और उन्होंने 4 पेज का फाइनल नोट और एक वीडियो मैसेज छोड़ा था. इसमें आईपीएस पूरन पर भ्रष्टाचार के आरोप, जाति के नाम पर उगाही का खेल और रोहतक के पूर्व एसपी बिजरानिया को लेकर कई दावे किए हैं. संदीप कुमार ने वीडियो मैसेज में कहा था, मैं आपको सच्चाई बताना चाहता हूं. उसके लिए पहली आहुति मैं अपनी डाल रहा हूं. सच्चाई की कीमत चुकानी पड़ती है. भगत सिंह को भी अपना जीवन खत्म करना पड़ा था. ये देश तभी जागेगा, जब हम सच्चाई की राह पर कुर्बान होंगे. एक भ्रष्ट पुलिस अफसर है, जिसने सदर थाना मर्डर केस में पैसे लिए. उसने राव इंद्रजीत को बाहर निकालने के लिए 50 करोड़ की डील कर रखी थी.
किस पर लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप?
संदीप लाठर ने आगे कहा था कि नरेंद्र बिजरानिया एक ईमानदार अफसर था, जो इसके सामने अड़ा. लेकिन कभी भी किसी ने भ्रष्टाचारी तो छोड़ो, इतना ईमानदार था कि अपनी सैलरी में गुजारा करता था. लेकिन जब से आईजी आया तो उसने देखा कि उसने अपनी जाति के लोगों को ऑफिस में सेट करना शुरू कर दिया. फाइलों में गड़बड़ी की. महिला पुलिसकर्मियों का भी ट्रांसफर के नाम पर यौन शोषण हुआ. इनकी सीडीआर निकाल कर जांच की तो आपको पता चल जाएगा कि मेरी बातों में सच्चाई है. मैं झूठ नहीं बोल रहा हूं. हर चीज के लिए पैसे मांगे गए.
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