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This Article is From Sep 10, 2024

हरियाणा चुनाव 2024: मुसलमानों को टिकट देने से निकला BJP का संदेश,कितने मंत्रियों का पत्ता कटा

हरियाणा विधानसभा चुनाव में एंटी इनकंबेंसी का मुकाबला करने के लिए बीजेपी अबतक अपने पांच मंत्रियों के टिकट काट चुकी है.मुसलमानों को टिकट देकर बीजेपी ने मुस्लिमों में अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश की है. हरियाणा के लिए बीजेपी ने अबतक 87 उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं.

हरियाणा चुनाव 2024: मुसलमानों को टिकट देने से निकला BJP का संदेश,कितने मंत्रियों का पत्ता कटा
नई दिल्ली:

बीजेपी ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की.इस सूची में कुल 21 उम्मीदवारों के नाम हैं. बीजेपी ने अपनी पहली सूची में 67 उम्मीदवारों के नाम जारी किए थे. बीजेपी की दूसरी सूची में एक नाम पहली सूची का भी शामिल है. बीजेपी ने इस सीट पर अपना उम्मीदवार बदल दिया है. इस तरह से बीजेपी ने अबतक 87 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. दूसरी सूची की खास बात यह है कि बीजेपी ने दो मुसलामनों को भी टिकट दिया है. इनके अलावा नायब सिंह सैनी की सरकार के दो मंत्रियों के टिकट भी काट दिए गए हैं. बीजेपी की दूसरी सूची में दो महिलाओं और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित चार उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं.इस सूची के जरिए बीजेपी ने दो मंत्रियों के टिकट काट दिए हैं. 

इस तरह एंटी इनकंबेंसी से निबटेगी बीजेपी

बीजेपी ने अपनी दूसरी सूची में भी एंटी इनकंबेंसी को संभालने की कोशिश की है. मंगलवार को जारी सूची में बीजेपी ने दो मंत्रियों के टिकट काट दिए हैं. फरीदाबाद की बडखल सीट से बीजेपी ने धनेश अदलखा को टिकट दिया है. पिछले चुनाव में इस सीट से सीमा त्रिखा जीती थीं. वो मनोहर लाल खट्टर और नायब सिंह सैनी की सरकार में मंत्री रहीं. वो सैनी सरकार की एकमात्र कैबिनेट मंत्री थीं. उनके पास शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी थी.वहीं त्रिखा के अलावा नायब सिंह सैनी मंत्रिमंडल के एक और सदस्य और बाबल से विधायक डॉक्टर बनवारी लाल का टिकट काट दिया है. बनवारी लाल पीडब्लूडी और जनस्वास्थ्य विभाग के कैबिनेट मंत्री थे.बीजेपी ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट से स्वास्थ्य निदेशक के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आए कृष्ण कुमार को टिकट दिया है. 

बड़े नेताओं का पत्ता काटा

बीजेपी की दूसरी लिस्ट में पिछली बार चुनाव लड़े नौ उम्मीदवारों को जगह नहीं मिली है.इनमें दो बड़े नाम राई सीट से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन बड़ौली और गोबिंद कांडा का है.सूत्रों के मुताबिक बड़ौली ने इस बार चुनाव लड़ने से ही इनकार कर दिया है.बीजेपी ने हरियाणा लोकहित पार्टी के प्रमुख और हरियाणा सरकार में मंत्री रहे गोपाल कांडा के भाई गोविंद कांडा का टिकट काट दिया है. कांडा ने 2022 में ऐलनाबाद सीट पर हुआ उपचुनाव लड़ा था. उन्हें इनेलो के अभय सिंह चौटाला ने हराया था. इस बार बीजेपी ने ऐलनाबाद से अमीर चंद मेहता से उम्मीदवार बनाया है. 

विनेश फौगाट को बीजेपी से कौन देगा चुनौती

कुश्ती का अखाड़ा छोड़कर राजनीति के अखाड़े में आईं ओलंपियन विनेश फोगाट के खिलाफ बीजेपी ने एअर इंडिया के पूर्व कैप्टन योगेश बैरागी को उतारा है.कैप्टन बैरीगी ने कोरोना काल में दूसरे देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए चलाए गए 'वंदेभारत मिशन' में अहम भूमिका निभाई थी. वो नौकरी से इस्तीफा देकर राजनीति में आए हैं. विनेश ने पिछले दिनों कांग्रेस की सदस्यता ली है. कांग्रेस ने उन्हें जिंद जिले की जुलाना से उम्मीदवार बनाया है. विनेश की ससुराल इसी सीट के तहत आती है.

पहलवान विनेश फोगाट जिंद को जुलाना सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार हैं.

पहलवान विनेश फोगाट जिंद को जुलाना सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार हैं.

बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट में हरियाणा सरकार में मंत्री रनिया से ऊर्जा मंत्री रणजीत चौटाला, बवानीखेड़ा से मंत्री विशंभर वाल्मीकि और सोहाना से खेल मंत्री संजय सिंह के टिकट काट दिए हैं. इस तरह से बीजेपी अबतक पांच मंत्रियों के टिकट काट चुकी है. 

अब तक 10 महिलाओं को दिया टिकट

बीजेपी की पहली सूची में आठ महिलाओं के नाम शामिल थे. वहीं दूसरी सूची में दो महिलाओं के नाम शामिल हैं.पहली सूची में अंबाला से शक्तिरानी शर्मा, मुलाना से संतोष सरवन, कलायत से कमलेश ढांडा, रतिया से सुनीता दुग्गल, तोशाम से श्रुति चौधरी, गढ़ी सांपला-किलोई से मंजू हुड्डा, कलानौर से रेनु डाबला, अटेली से आरती सिंह राव के नाम शामिल थे. वहीं दूसरी सूची में राई से कृष्णा गहलावत और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पटौदी सीट से बिमला चौधरी को टिकट दिया गया है. इस तरह से बीजेपी ने इस चुनाव में अबतक 10 महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा है. 

मुसलमनों को टिकट क्यों दे रही है बीजेपी

बीजेपी की दूसरी सूची में दो मुसलमानों के नाम भी शामिल हैं. बीजेपी ने फिरोजपुर झिरका से नसीम अहमद और पुन्हाना से ऐजाज खान को उम्मीदवार बनाया है. चुनाव में मुसलमान को टिकट देना बीजेपी के लिए दुर्लभ किस्म का मामला है. बीजेपी आमतौर पर मुसलामनों को टिकट देने से परहेज करती है. लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने किसी मुसलमान को टिकट नहीं दिया था. वहीं लोकसभा चुनाव के बाद बनी नरेंद्र मोदी 3.0 सरकार में भी मुसलमानों का प्रतिनिधित्व नहीं है. एनडीए में शामिल दलों में भी कोई मुसलमान सांसद नहीं है. बीजेपी ने इस बार हरियाणा के जिन इलाकों में मुसलमानों को टिकट दिए हैं, वहां पिछले साल जुलाई में सांप्रदायिक दंगे हुए थे. इस इलाके को मेवात के रूप में जाना जाता है. बीजेपी ने दो मुसलमानों को टिकट देकर अपना आधार बढ़ाने की कोशिश की है. बीजेपी को लगता है कि तीन तलाक को अपराध बनाने से उसका मुसलमान महिलाओं में उसका आधार बढ़ा है. बीजेपी को लगता है कि इससे एंटी इनकंबेंसी से निपटने में मदद मिलेगी और बीजेपी के आधार का विस्तार होगा. बीजेपी ने केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि जम्मू कश्मीर में भी मुसलमानों को टिकट दिए हैं. बीजेपी ने जम्मू कश्मीर में अबतक 57 में से 10 मुसलमानों को टिकट दिए हैं.

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