- अहमदाबाद के धंधुका में बाइक दुर्घटना के बाद हुई हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की मौत और कई दुकानों में आग लगी
- मोहम्मद साबिर बिहार से आए प्रवासी हैं जिनकी टायर की दुकान भीड़ ने आग के हवाले कर दी और वे भागकर बचे
- साबिर अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले हैं, उनकी दुकान उनकी आजीविका का मुख्य स्रोत थी जो पूरी तरह जल गई
गुजरात के अहमदाबाद जिले के धंधुका में शनिवार को एक बाइक दुर्घटना के बाद हुई हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके बाद कई दुकानों में आग लगा दी गई. इस सांप्रदायिक तनाव और प्रशासनिक कार्रवाई की सुर्खियों के पीछे एक नाम है - मोहम्मद साबिर. शनिवार को दो बाइक के बीच टक्कर हो गई थी जिसके बाद हिंसा भड़की, इसमें एक बाइक पर साबिर अपनी पत्नी के साथ जा रहे थे. बाद में दूसरे पक्ष ने उनकी दुकान में आग लगा दी. साबिर ने भागकर अपनी जान बचाई.
मोहम्मद साबिर बिहार से आए एक प्रवासी हैं, जो डेढ़ साल पहले रोजगार के लिए अहमदाबाद आए थे. पेट्रोल से लैस भीड़ ने उनकी टायर की दुकान को आग के हवाले कर दिया. इसमें उनकी पूरी दुकान जलकर खाक हो गई.
साबिर अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले हैं, जिसमें उनकी पत्नी, तीन छोटे बच्चे और एक बुजुर्ग मां शामिल हैं. उनके लिए, दुकान सिर्फ एक व्यवसाय नहीं, बल्कि लाइफ लाइन थी.

मेरे पास कुछ नहीं बचा- साबिर
अपनी दुकान के जले हुए शटर के बाहर खड़े साबिर ने फूट-फूटकर रोते हुए कहा, “मैं बिहार से ईमानदारी से रोजी-रोटी कमाने आया था. मेरी सारी जमा पूंजी खत्म हो गई. मेरे बच्चों के लिए खाने-पीने का भी पैसा नहीं बचा. मुझे आत्महत्या करने का मन कर रहा है, क्योंकि मुझे नहीं पता कि वे कैसे जिएंगे.”
इधर जैसे-जैसे शहर में हालात सामान्य हो रहे हैं, गुजरात पुलिस और जिला प्रशासन ने अपनी कानूनी कार्रवाई भी तेज कर दी है. हत्या और उसके बाद हुई आगजनी की जांच में तेजी लाने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मृतक धर्मेश गमारा के परिवार से भी मुलाकात की है, जिन्होंने चल रही जांच पर संतोष व्यक्त किया है. प्रशासन ने इस घटना में शामिल आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों की पहचान भी तेज कर दी है. दंगाइयों और अपराधियों से जुड़े अनाधिकृत भवनों को ध्वस्त करने के लिए आधिकारिक नोटिस जारी किए जा रहे हैं.
पुलिस ने आगे किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया है. पुलिस के मुताबिक हिंसक झड़प में शामिल करीब 15 से 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है. स्थानीय समुदाय के नेताओं ने साबिर की शांति की अपील का समर्थन करते हुए गोलीबारी में अपनी आजीविका खोने वालों को सरकार से मुआवजा देने का आग्रह किया है.

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वहां मौजूद रिजवान ने कथित तौर पर भरवाड़ समुदाय के धर्मेश गमारा नामक व्यक्ति पर चाकू से हमला किया, जिससे उनके पैर में गंभीर चोटें आईं और बहुत खून बहने लगा. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मृत्यु हो गई. इसके बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया और लोगों के समूह सड़कों पर उतर आए. उत्तेजित भीड़ ने तोड़फोड़ की और बाजार में लगभग आठ से दस दुकानों में आग लगा दी.

पुलिस ने हिंसा रोकने और व्यवस्था बहाल करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी और लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाने की अपील की है. अधिकारियों ने बताया कि धंधुका में स्थिति अब नियंत्रण में है, हालांकि जांच जारी रहने तक एहतियात के तौर पर सुरक्षा बल तैनात रहेंगे.
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