- गुजरात की कलोल सेशन कोर्ट ने गोहत्या के मामले में तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई
- आरोपियों को 277 किलो गोमांस के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया था. उनपर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है
- कोर्ट ने अपने फैसले में वेदों और संस्कृत श्लोकों का हवाला देते हुए गायों की पवित्रता और संरक्षण का महत्व बताया
एक बड़े फैसले में गुजरात की कलोल सेशन कोर्ट ने गोहत्या के एक बड़े मामले में तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने हर आरोपी पर 3 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है. जज ने इस फैसले में प्राचीन वेद के ज्ञान का जिक्र किया और उसे आज के गुनाह के कानूनी अंजाम से जोड़ा. कोर्ट ने अपने फैसले की शुरुआत संस्कृत के पवित्र श्लोकों से की. इन श्लोकों में गायों को पूरे संसार की मां और पूरी दुनिया के कल्याण का आधार बताया गया है. यह मामला गांधीनगर जिले के जमला गांव का है. यहां स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों को 277 किलो गोमांस तैयार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था.
क्या है पूरा मामला?
अगस्त 2024 में, कलोल तालुका पुलिस स्टेशन की टीम ने जामला गांव के धनकनिवास इलाके में एक रिहायशी जगह पर छापा मारा था, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू हुई. एक गुप्त सूचना के आधार पर, पुलिस ने कई संदिग्धों को अवैध रूप से जानवरों को काटते हुए पकड़ा. मौके से धारदार हथियार, वजन करने वाली मशीनें और कई वाहन बरामद किए गए. वहां मौजूद जीवित मवेशियों को सुरक्षित बचा लिया गया और उन्हें पास की एक गौशाला में भेज दिया गया.
जज ने किया वैदिक श्लोक का जिक्र
मामले की सुनवाई के दौरान, सेशन जज बी. आर. राजपूत ने अपने फैसले की शुरुआत वेदों के श्लोकों और शास्त्रों के ज्ञान से की. उन्होंने इसके जरिए दिखाने की कोशिश की कि हमारे समाज में जानवरों के प्रति कितनी गहरी श्रद्धा है. अदालत ने पुराने संस्कृत श्लोकों का जिक्र करते हुए कहा कि गायों को पूरे ब्रह्मांड की माता और सारी दुनिया की भलाई का कारण माना जाता है:
गावो विश्वस्य मातरः, गावः सर्वसुखप्रदाः ।
गोरक्षा धर्मकार्य च, न्यायः सत्यस्य रक्षकः ॥
गोवधं यत्र जायेत, धर्मस्य हानिरुच्यते।
दोषसिद्धौ विधानेन, दण्डः कार्यो यथाविधि ॥
न्यायमार्गेण राजेन्द्र, धर्मसंस्थापनं भवेत् ।
जीवसंरक्षणं पुण्यं, न्यायपालनमुत्तमम् ॥
इन पुराने ग्रंथों के बारे में और बताते हुए, कोर्ट ने कहा कि गायों की रक्षा करना कर्तव्य, दया और सच्चाई से गहराई से जुड़ा है. फैसले में पुराने शास्त्रों का हवाला दिया गया, जिनमें कामधेनु के पवित्र जन्म के बारे में बताया गया है और कहा गया है कि सभी जीवों की रक्षा और सही कानूनों का पालन ही एक न्यायपूर्ण समाज की नींव है.
कोर्ट ने उन्हें गुजरात पशु संरक्षण कानून के तहत दोषी मानते हुए उम्रकैद और 3-3 लाख रुपये के भारी जुर्माने की सजा सुनाई.

गुजरात के डिप्टी सीएम बोले- गौ माता की रक्षा करना पक्का संकल्प है
इस मामले पर गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, '3 गौ-हत्यारों को उम्रकैद की सजा! कलोल सेशन कोर्ट ने गांधीनगर जिले के जामला गांव में 277 किलो बीफ के साथ रंगे हाथों पकड़े गए तीनों आरोपियों को उम्रकैद और 3-3 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है. गुजरात पशु संरक्षण कानून के तहत यह फैसला साफ संदेश देता है कि गुजरात में गौ-हत्या करने वालों को कानून कभी नहीं छोड़ेगा. गौ माता की रक्षा करना गुजरात का पक्का संकल्प है. सटीक जांच और मजबूत सबूत पेश करने के लिए गांधीनगर पुलिस और अभियोजन पक्ष को बधाई.'
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