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सोना तस्करी कांड: एक्ट्रेस रान्या राव के खिलाफ ED की चार्जशीट, 100 करोड़ के घोटाले का खुलासा

प्रवर्तन निदेशालय ने बड़े पैमाने पर सोना तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बेंगलुरु की विशेष PMLA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है. मामले में हर्षवर्धिनी रान्या उर्फ रान्या राव को आरोपी बनाया गया है.

सोना तस्करी कांड: एक्ट्रेस रान्या राव के खिलाफ ED की चार्जशीट, 100 करोड़ के घोटाले का खुलासा
  • प्रवर्तन निदेशालय ने एक साल में 127 किलो सोना तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की है.
  • बेंगलुरु के केम्पेगौडा एयरपोर्ट पर हर्षवर्धिनी रान्या के पास से 14.213 किलो विदेशी सोना बरामद किया गया था.
  • मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच कुल 102 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का सोना अवैध रूप से भारत में लाया गया.
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नई दिल्ली:

एक साल में 127 किलो सोना तस्करी, 100 करोड़ से ज्यादा के घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने एक्ट्रेस रान्या राव और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. प्रवर्तन निदेशालय ने बड़े पैमाने पर सोना तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बेंगलुरु की विशेष PMLA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है. यह कार्रवाई PMLA के तहत की गई है. इस मामले में हर्षवर्धिनी रान्या उर्फ रान्या राव, तरुण कोंडूरु और साहिल साकरिया जैन को आरोपी बनाया गया है.

पूरे मामले की शुरुआत सीबीआई द्वारा दर्ज FIR से हुई. यह केस Directorate of Revenue Intelligence यानी राजस्व खुफिया निदेशालय की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी. 3 मार्च 2025 को बेंगलुरु के Kempegowda International Airport पर राजस्व खुफिया निदेशालय की टीम ने हर्षवर्धिनी रान्या को रोका. तलाशी के दौरान उसके पास से 14.213 किलो विदेशी  सोना बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग 12.56 करोड़ रुपये आंकी गई.

इसके बाद की गई छानबीन में करीब 2.06 करोड़ रुपये के सोने के गहने और 2.67 करोड़ रुपये की नकदी भी बरामद की गई. इस संबंध में कस्टम विभाग ने Customs Act की धारा 135 के तहत भी चार्जशीट दायर की थी. प्रवर्तन निदेशालय की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. जांच के अनुसार मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच कुल 127.287 किलो सोना भारत में अवैध रूप से लाया गया. इस सोने की कुल अनुमानित कीमत लगभग 102.55 करोड़ रुपये बताई गई है.

जांच एजेंसी के मुताबिक यह कोई एक-दो बार की घटना नहीं थी, बल्कि संगठित तरीके से लगातार सोना तस्करी का नेटवर्क चलाया जा रहा था. जांच में सामने आया कि तस्करी कर लाया गया सोना देश के भीतर मध्यस्थों और सर्राफा कारोबारियों के जरिए बेचा जाता था. ईडी ने 22 मई 2025 को कर्नाटक में 16 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की थी. इस दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, भारतीय मुद्रा, विदेशी करेंसी जब्त की गई. साथ ही कई लोगों के बयान अधिनियम की धारा 50 के तहत दर्ज किए गए, जिन्हें कानूनी रूप से सबूत माना जाता है.

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