राजधानी दिल्ली और देश के कई बेहद संवेदनशील संगठनों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की झूठी धमकी देने वाले एक शख्स को नई दिल्ली जिला पुलिस ने ढूंढ निकाला है. तकनीकी जांच और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने आरोपी को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ट्रैक किया.
डीसीपी नयी दिल्ली के अनुसार पकड़ा गया आरोपी निशांत त्यागी 36 साल का है. पूछताछ में सामने आया कि निशांत ने ओपन स्कूलिंग से पढ़ाई की है. उसने साल 2010 में ग्रेजुएशन के लिए एडमिशन लिया था, लेकिन वो अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सका.
मानसिक रूप से बीमार है आरोपी
डीसीपी नयी दिल्ली के अनुसार शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी पिछले कई सालों से मानसिक रूप से बीमार है और उसका इलाज चल रहा है. पुलिस को उसके पास से कोई भी संदिग्ध सामान या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है.
नई दिल्ली डीसीपी ने जानकारी दी कि बीते 29 जून 2026 को एक के बाद एक कई धमकी भरे ई-मेल भेजे गए थे. इन मेल्स में देश की सबसे सुरक्षित और संवेदनशील जगहों पर बम होने का झूठा दावा किया गया था.
- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) मुख्यालय
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)
- न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCIL)
- रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)
- नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA)
- नई दिल्ली से न्यूयॉर्क जाने वाली एयर इंडिया की एक फ्लाइट
सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप
इस धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था. तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर पूरी जांच की गई, जिसके बाद साफ हुआ कि यह सिर्फ एक अफवाह थी. हालांकि धमकी मिलने के बाद चाणक्यपुरी सब-डिवीजन के पुलिसकर्मियों की एक टीम बनाई गई. एसीपी अर्शदीप सिंह पंवार की देखरेख में और एसआई सुभाष के नेतृत्व में पुलिस ने टेक्निकल जांच शुरू की. दिल्ली पुलिस ने उन दो GMAIL अकाउंट्स को खंगाला जिससे मेल भेजे गए थे. तकनीकी विश्लेषण से उस मोबाइल नंबर का पता चला जो इन ई-मेल अकाउंट्स से जुड़ा था.
पढ़ाई पूरी नहीं कर सका आरोपी
फिर 30 जून को तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के संयोग नगर बैंक कॉलोनी पहुंची और निशांत त्यागी नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया. डीसीपी नयी दिल्ली के अनुसार पकड़ा गया आरोपी निशांत त्यागी 36 साल का है. पूछताछ में सामने आया कि निशांत ने ओपन स्कूलिंग से पढ़ाई की है. उसने साल 2010 में ग्रेजुएशन के लिए एडमिशन लिया था, लेकिन वो अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सका.
दिल्ली पुलिस की पूछताछ और जांच के दौरान पता चला कि निशांत साल 2008 से ही मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारी से जूझ रहा है. उसके परिवार ने भी पुलिस को बताया कि देश के कई बड़े और नामी अस्पतालों में उसका लंबे समय से इलाज चल रहा है.
नई दिल्ली जिला पुलिस के डिप्टी कमिश्नर सचिन शर्मा के मुताबिक, मामले की जांच अभी जारी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने किन परिस्थितियों और किस मकसद से ये ई-मेल भेजे थे. जांच और सबूतों के आधार पर कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.
यह भी पढ़ें: ISRO हेडक्वार्टर को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी, दो दिन में इस तरह का दूसरा मेल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं