गाजियाबाद की एक अदालत ने 15 वर्ष पूर्व एक नाबालिग दलित लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के दोषी चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने इसी मामले में दो महिलाओं को दुष्कर्मियों से मिलीभगत के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई है.
अभियोजन पक्ष के अनुसार 27 अप्रैल 2007 को हापुड़ जिले के धौलाना थाना क्षेत्र के एक गांव में उर्स के मेले का आयोजन हो रहा था. पिंकी और विमला नामक महिलाएं 16 वर्षीय एक दलित किशोरी को उर्स मेले में एक दुकान पर काम दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गई थी. देर रात जब मेला खत्म होने वाला था तो उन महिलाओं ने लड़की को एक बगीचे में लगे हैंडपंप से पानी लाने के लिए भेजा.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
इसी दौरान कलुवा, आसिफ, अख्तर और शाह फैजल नामक युवकों ने लड़की को पकड़ लिया और उसे बगीचे के अंदर ले जाकर उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया. उसके बाद चारों ने उससे सामूहिक बलात्कार किया.
लड़की के माता-पिता ने उसे काम दिलाने का झांसा देने वाली पिंकी और विमला को पकड़ कर उनसे पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन्हें लड़की को बहला-फुसलाकर बलात्कारियों के पास ले जाने के एवज में एक हजार रुपये दिए गए थे.
अपर सत्र न्यायाधीश हीरालाल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सोमवार को कलुवा, आसिफ, अख्तर और शाह फैजल को बलात्कार का दोषी मानते हुए उम्रकैद और 15-15 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई. इसके अलावा पिंकी और विमला को बलात्कारियों की मदद करने का कसूरवार मानते हुए आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई.
मामले की सुनवाई हापुड़ के न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में हुई. बाद में मामला विशेष अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अदालत गाजियाबाद में स्थानांतरित कर दिया गया था.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं