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गंगा एक्सप्रेसवे में 12 जिलों के इन 519 गांवों की जमीनें खरीदीं, बदायूं, हापुड़ से हरदोई तक 9 हजार करोड़ का बंटा मुआवजा, देखें हर जिले की लिस्ट

Ganga Expressway News: गंगा एक्सप्रेसवे के लिए 519 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया गया है. इसमें पश्चिमी यूपी के जिलों की जमीनों की कीमतें सबसे महंगी रही हैं. इससे किसानों को करोड़ों रुपये का मुआवजा मिला है.

गंगा एक्सप्रेसवे में 12 जिलों के इन 519 गांवों की जमीनें खरीदीं, बदायूं, हापुड़ से हरदोई तक 9 हजार करोड़ का बंटा मुआवजा, देखें हर जिले की लिस्ट
Ganga Expressway inauguration: गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
  • मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के लिए 519 गांवों में करीब 9252 करोड़ का मुआवजा बंटा
  • यूपी में गंगा एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 9500 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई, जो सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है
  • किसानों को सर्किल रेट के चार गुना तक मुआवजा दिया गया, विशेषकर मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर जिलों में सबसे अधिक
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लखनऊ:

Ganga Expressway Route: मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर के गंगा एक्सप्रेसवे में 519 गांव शामिल हैं. इन गांवों में भूमि अधिग्रहण कर करीब 9252 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा गया है. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के आंकड़ों के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे के लिए करीब 9500 हेक्टेयर भूमि का  अधिग्रहण किया गया है. भू अधिग्रहण और मुआवजे के हिसाब से यह उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े प्रोजेक्ट में एक रहा है. किसानों की जल्द सहमति के लिए ग्रामीण इलाकों में सर्किल रेट का 4 गुना और शहरी क्षेत्रों में 2 गुना तक मुआवजा दिया गया.

मेरठ, हापुड़ में सबसे ज्यादा मुआवजा (Ganga Expressway)

भूमि अधिग्रहण मुआवजे का एक बड़ा हिस्सा पश्चिमी यूपी के जिलों में था, जहां जमीन की सर्किल दरें अधिक थीं. मेरठ और हापुड़ जिलों में ही लगभग 1800 से 2000 करोड़ का मुआवजा दिया गया.शाहजहांपुर में हवाई पट्टी (Airstrip) और बड़े जंक्शन के कारण करीब 1100 करोड़ बांटे गए.बदायूं में सबसे ज्यादा 85 गांव, हरदोई (78) और शाहजहांपुर (64) गांव में भू अधिग्रहण किया गया.

Ganga Expressway

Ganga Expressway

बदायूं, उन्नाव से हरदोई तक मुआवजा

गंगा एक्सप्रेसवे के लिए बदायूं में 85 गांवों में भूमि अधिग्रहण के लिए 1250 करोड़ का भुगतान हुआ. उन्नाव और हरदोई में लगभग 2100 करोड़ की धनराशि किसानों को मिली. जबकि प्रयागराज और प्रतापगढ़ संगम के निकट शहरी भूमि के कारण 900 करोड़ रुपये बांटे गए.इस  मुआवजे की 99% रकम का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया गया.

मेरठ-हापुड़ और बुलंदशहर में सबसे महंगी जमीन

519 गांवों में से मात्र 2 फीसदी गांवों में मुआवजे को लेकर विवाद था, जिन्हें सहमति के आधार पर सुलझाया गया.पश्चिमी यूपी के जिलों जैसे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर में मुआवजे की दरें सबसे अधिक रहीं. यहां औसतन 20 लाख से 45 लाख रुपये प्रति बीघा (सर्किल रेट का 4 गुना गांव में) तक मिला. अवध क्षेत्र के बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई में कृषि भूमि का मुआवजा 12 लाख से 25 लाख रुपये प्रति बीघा रहा. प्रयागराज और प्रतापगढ़में दरें 15 लाख से 30 लाख रुपये प्रति बीघा रही हैं. 

519 गांवों की चमकी किस्मत

इन गांवों से निकले एक्सप्रेसवे को यूटिलिटी कॉरिडोर से जोड़ा गया है. डार्क फाइबर के जरिये इन 519 गांवों में ग्राम सचिवालयों को हाई स्पीड इंटरनेट से जोड़ा जाएगा. एक्सप्रेसवे के किनारे बसे इन गांवों में एज डेटा सेंटर बनेंगे.

अमरोहा जिले का मंगरौला सबसे अमीर गांव 

अमरोहा जिले का मंगरौला में सबसे महंगी जमीन खरीदी गई. गंगा एक्सप्रेसवे से पहले यहां कृषि भूमि की कीमत औसतन 15 से 20 लाख रुपये प्रति बीघा थी.सर्किल रेट और बाजार दर के अंतर के कारण एक्सप्रेसवे के किनारे की व्यावसायिक जमीनें 1.5 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये प्रति बीघा तक पहुंच गई हैं. अमरोहा के कुल 26 गांव एक्सप्रेसवे में आए हैं. गजरौला इंडस्ट्रियल हब से करीब होने से मंगरौला में बड़ा मुआवजा मिला. एक्सप्रेसवे आने से यहां लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग की मांग चरम पर पहुंच गई.

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गजरौला इंडस्ट्रियल हब के पास मंगरौला

मेरठ के बाद अमरोहा (मंगरौला) बड़ा कॉमर्शियल प्वाइंट है. मंगरौला में दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव के बड़े रियल एस्टेट इन्वेस्टर्स ने प्राइवेट लॉजिस्टिक्स पार्क और कोल्ड स्टोरेज के लिए जमीनें खरीदी हैं. मंगरौला में औद्योगिक गलियारे के लिए करीब 61 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है. सरकार मंगरौला, रूस्तमपुर खादर और दौलतपुर कलां जैसे गांवों को मिलाकर एक विशाल औद्योगिक हब बना रही है.

किस जिले के कितने गांव 

  1. मेरठ :15 : मेरठ, खरखौदा,बिजौली, धीरखेड़ा आदि
  2. हापुड़ :21 : हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर, अकडौली, भमैनी, गोयना, ककराणा
  3.  बुलंदशहर : 11 : स्याना, चांदनेर, बीरखेड़ा, राधना, ईसापुर
  4.  अमरोहा : 26 : धनौरा, हसनपुर, मंगरौला, गजरौला, चोया, मनिकपुर
  5.  संभल: 42 : संभल, गुन्नौर, राजपुरा, ईसापुर, बावरखेड़ा,
  6.  बदायूं: 92 : सदर, दातागंज, बिल्सी,बिनावर, वजीरगंज, सैदपुर, मौजमपुर
  7.  शाहजहांपुर :53 : जलालाबाद, तिलहर, कोलाघाट (एयरस्ट्रिप), जलालाबाद, कटरा
  8. हरदोई : 78 : संडीला, बिलग्राम, शाहाबाद, संडीला, बिलग्राम, माधौगंज
  9.  उन्नाव : 55 : सफीपुर, हसनगंज, बांगरमऊ, सफीपुर, चकलवंशी
  10. रायबरेली : 43 : लालगंज, ऊंचाहार, लालगंज, डीह, जगतपुर, ऊंचाहार
  11. प्रतापगढ़ : 41 : कुंडा, बाबागंज,कुंडा, बाबागंज, मानिकपुर, हथिगवां
  12. प्रयागराज : 42 : सोरांव, फूलपुर, जुदापुर दांडू, सोरांव, फाफामऊ

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(519 गांव, 30 से ज्यादा तहसीलें,यूपी के 12 जिलों का महा नेटवर्क)

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