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FCRA बिल की समीक्षा के लिए JPC का गठन, संजय जायसवाल को मिली बड़ी जिम्मेदारी

FCRA बिल की समीक्षा के लिए संसद ने संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन किया है.

FCRA बिल की समीक्षा के लिए JPC का गठन, संजय जायसवाल को मिली बड़ी जिम्मेदारी
  • संसद की संयुक्त संसदीय समिति विदेशी अंशदान विनियमन बिल की जांच और समीक्षा के लिए गठित की गई है.
  • इस समिति के अध्यक्ष बीजेपी सांसद संजय जायसवाल हैं और इसमें कुल 31 सदस्य शामिल हैं.
  • संशोधन विधेयक में सरकार को विदेशी अंशदान प्रबंधन के लिए नामित प्राधिकरण गठित करने का अधिकार दिया गया है.
नई दिल्ली:

विदेशी अंशदान विनियमन (FCRA) बिल की जांच और समीक्षा के लिए संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) गई है. इस समिति के अध्यक्ष बीजेपी सांसद संजय जायसवाल होंगे. 31 सदस्यों वाली इस समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सांसद शामिल हैं. यह समिति FCRA बिल के अलग-अलग प्रावधानों का अध्ययन करेगी और अपनी रिपोर्ट व सुझाव सरकार को सौंपेगी.

समिति में लोकसभा के 21 सदस्य

1. डॉ. संजय जायसवाल
2. श्री भर्तुहरि महताब
3. श्री तेजस्वी सूर्या
4. श्रीमती कमलेश जांगड़े
5. श्री मुकेशकुमार चंद्रकांत दलाल
6. डॉ. निशिकांत दुबे
7. श्री विष्णु दयाल राम
8. श्री अनंता नायक
9. श्री अरविंद धर्मपुरी
10. श्री एंटो एंटनी
11. श्री कैप्टन विरियाटो फर्नांडिस
12. श्री मोहम्मद हमदुल्लाह सईद
13. श्री काली चरण मुंडा
14. श्री ज़िया उर रहमान
15. श्री कल्याण बनर्जी
16. श्री ए. राजा
17. श्री लावु श्री कृष्ण देवरायालु
18. श्री नरेश गणपत म्हस्के
19. श्री कौशलेन्द्र कुमार
20. श्रीमती सुप्रिया सुले
21. श्री ई. टी. मोहम्मद बशीर

समिति में राज्यसभा के 10 सदस्य 

1. श्री सी. सदानंदन मास्टर
2. श्री हर्षवर्धन श्रृंगला
3. श्री उज्ज्वल देवराव निकम
4. डॉ. अलका गुर्जर
5. श्री सतपाल शर्मा
6. श्री प्रफुल्ल पटेल
7. श्री संजय कुमार झा
8. श्री क्रिस्टोफर मानिकम
9. डॉ. मेनका गुरुस्वामी
10. श्री पी. विल्सन

विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 में सरकार को एक ‘नामित प्राधिकरण' गठित करने का अधिकार देने का प्रस्ताव है. यह प्राधिकरण उन मामलों में विदेशी अंशदान और उससे निर्मित परिसंपत्तियों का प्रबंधन अपने हाथ में ले सकेगा, जब किसी संगठन का एफसीआरए पंजीकरण रद्द हो जाए, वह स्वेच्छा से पंजीकरण छोड़ दे या नवीनीकरण नहीं होने के कारण समाप्त हो जाए.

विधेयक में यह भी प्रावधान है कि यदि संबंधित परिसंपत्ति कोई पूजा स्थल है, तो नामित प्राधिकरण उसके धार्मिक स्वरूप को बनाए रखना सुनिश्चित करेगा. इसमें नियमों के उल्लंघन पर अधिकतम सजा भी पांच वर्ष के कारावास से घटाकर एक वर्ष करने का प्रस्ताव किया गया है.

गृह मंत्रालय के अनुसार 2019 से 2022 के बीच 13,520 संगठनों को विदेशी अंशदान के रूप में 55,741 करोड़ रुपये प्राप्त हुए. एफसीआरए पोर्टल के अनुसार, 15 जुलाई 2026 तक 14,449 संगठनों के एफसीआरए प्रमाणपत्र सक्रिय थे, जबकि 22,498 प्रमाणपत्र रद्द किए जा चुके थे और 15,212 प्रमाणपत्रों की अवधि समाप्त मानी गई थी.

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