
किसान आंदोलन: अजय मोर सोनीपत के रहने वाले थे.
खास बातें
- सिंघू बॉर्डर पर बैठे थे अजय मोर
- ठंड लगने से हुई अजय की मौत
- ट्रैक्टर ट्रॉली से मिला अजय का शव
कृषि कानूनों (Farm Laws) को वापस लेने की मांग को लेकर किसानों के आंदोलन (Farmers Protest) का आज (बुधवार) 14वां दिन है. किसान दिल्ली के सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं. सिंघू बार्डर पर धरने पर बैठे एक किसान की मौत की खबर मिल रही है. मृतक का नाम अजय मोर था. मिली जानकारी के अनुसार, 32 वर्षीय अजय की ठंड लगने से मौत (hypothermia) हुई है. अजय का शव ट्रैक्टर ट्रॉली से मिला है. बताया जा रहा है कि आंदोलन के दौरान अजय इसी ट्रॉली में सोए थे.
अजय मोर सोनीपत के गोहना के रहने वाले थे. वह पिछले 10 दिन से अपने गांव वालों के साथ सिंघू बार्डर पर धरने पर बैठे थे. अजय के परिवार में तीन बच्चे, पत्नी और बुजुर्ग मां-बाप हैं. अजय मोर अपने गांव में किसानी करते थे. उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. आंदोलन कर रहे कई किसानों के तेज बुखार होने की खबर मिलने के बाद सोनीपत के DM ने उनका कोरोनावायरस टेस्ट कराने के निर्देश दिए थे.
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बता दें कि दिल्ली में ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. मांगें पूरी न होने की वजह से किसानों का आंदोलन जारी है. किसान सड़कों पर ही सोने को मजबूर हैं. कई संस्थाएं किसानों की मदद को आगे आई हैं और उन्हें ठंड से बचाव के लिए रजाई-गद्दे, कंबल आदि मुहैया करवा रही हैं. कई किसान अपने साथ लाई गईं ट्रैक्टर ट्रॉली पर सोकर रात बिता रहे हैं तो कुछ जमीन पर ही गद्दा बिछाकर सो रहे हैं. किसानों के स्वास्थ्य के मद्देनजर बॉर्डर पर स्वास्थ्य शिविर भी चलाए जा रहे हैं.
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