- दिल्ली के द्वारका में नाबालिग के पिता ने मीडिया में परिवार की पहचान उजागर न करने की याचिका दायर की है
- दिल्ली हाई कोर्ट ने आरोपी नाबालिग के पिता की याचिका पर सुनवाई के लिए अपना फैसला आज सुनाना है
- हादसे में आरोपी नाबालिग अपनी बहन के साथ महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन चला रहा था, जो मोटरसाइकिल से टकराई थी
दिल्ली के द्वारका में साहिल धनेशरा एक्सीडेंट केस में आरोपी नाबालिग के पिता ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. आरोपी नाबालिग के पिता ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है, जिसमें परिवार की तस्वीरें मीडिया को दिखाने और उनकी पहचान उजागर करने से रोकने का आग्रह किया है. दिल्ली हाई कोर्ट में आज इस मामले में सुनवाई हुई. आरोपी 17 वर्षीय लड़का अपनी बहन के साथ स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन) चला रहा था, तभी उसकी गाड़ी की सामने से साहिल की मोटरसाइकिल से जोरदार टक्कर हो गई. इस हादसे में साहिल की मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद एसयूवी एक खड़ी टैक्सी से भी टकरा गई, जिससे टैक्सी चालक घायल हो गया.
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि पत्रकारिता और प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता. किस कानून के तहत इन्हें रोका जा सकता है? पत्रकारिता और प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता. ऐसा कोई कानून नहीं है जो यह कहता हो कि इस पर अंकुश लगाना आवश्यक है. अगर कोई वास्तविक शिकायत हो, तो हां. आप जो मांग रहे हैं वह पूर्ण प्रतिबंध आदेश है. पूर्ण प्रतिबंध आदेश जारी नहीं किया जा सकता. ऐसा कोई आदेश नहीं है जो किसी भी न्यायालय द्वारा किसी भी मीडिया चैनल के खिलाफ पारित किया जा सके. प्रेस की स्वतंत्रता को कैसे सीमित किया जा सकता है?”
नाबालिग के पिता ने साहिल की मांग से मांगी माफी
इससे पहले एसयूवी दुर्घटना में आरोपी नाबालिग के पिता ने इस घटना पर गहरा खेद जताते हुए पीड़ित की मां से माफी मांगी और कहा कि वह 'न्यायपालिका के निर्णय का पालन करने के लिए तैयार' हैं. हालांकि, पीड़ित साहिल की मां इन्ना माकन ने कहा कि यह विडंबना है कि आरोपी के पिता ने दुर्घटना के 15 दिन बाद माफी मांगने का फैसला किया और अब तक व्यक्तिगत रूप से उनसे संपर्क करने का कोई प्रयास नहीं किया.
'रील' बनाने के चक्कर में हुई टक्कर
यह दुर्घटना तीन फरवरी को द्वारका क्षेत्र में हुई थी, जब कथित तौर पर सोशल मीडिया 'रील' बनाने के लिए तेज रफ्तार से चलाई जा रही एक एसयूवी ने एक मोटरसाइकिल और एक टैक्सी को टक्कर मार दी. हादसे में 23 वर्षीय साहिल की मौत हो गई, जबकि एक कैब चालक गंभीर रूप से घायल हो गया. टक्कर के समय 17 वर्षीय लड़का एसयूवी चला रहा था. आरोपी के पिता ने बताया कि घटना के समय वह काम के सिलसिले में गोरखपुर में थे. उन्होंने कहा, 'तीन फरवरी को मुझे फोन आया कि मेरा बेटा दुर्घटना का शिकार हो गया है। मैं तुरंत दिल्ली लौटा और पुलिस से पूरी जानकारी ली.”
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साहिल की मां ने माफी की टाइमिंग पर उठाया सवाल
साहिल की मौत पर दुख जताते हुए पिता ने कहा कि वह इस मामले में जान जाने से बेहद दुखी हैं. उन्होंने कहा, 'जिस मां ने अपना बेटा खोया है, उनसे मैं दिल से माफी मांगता हूं. मैं क्षमाप्रार्थी हूं और कानून तथा न्यायपालिका जो भी फैसला करेगी, उसका पालन करूंगा.' आरोपी के पिता ने कहा कि एक अभिभावक होने के नाते वह शोकाकुल परिवार के दर्द को समझ सकते हैं. साहिल की मां माकन ने आरोप लगाया कि आरोपी का परिवार पूरी तरह से अपने बेटे की जमानत हासिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और उन्होंने अब तक माफी तक नहीं मांगी थी. उन्होंने कहा, '15 दिन बाद, उन्हें अचानक याद आता है कि वह एक अभिभावक है. यह विडंबनापूर्ण है. पुलिस ने आरोपी के पिता को अब तक गिरफ्तार भी नहीं किया है, जो केवल अपने बेटे की जमानत सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.' माकन ने दावा किया कि पुलिस या आरोपी के परिवार से किसी ने भी उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क नहीं किया है. उन्होंने कहा, 'शायद उन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि एक अकेली मां इतने दृढ़ संकल्प के साथ सबूत जुटाएगी और मामले को आगे बढ़ाएगी. वे आर्थिक रूप से मजबूत हैं, मैं नहीं हूं.'
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दिल्ली पुलिस ने नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देने के आरोप में पिता के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. बुधवार को घटना के बाद का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया. राहगीर द्वारा रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में पीड़ित को सड़क पर पड़ा देखा जा सकता है और दुर्घटनास्थल पर एसयूवी खड़ी दिखाई दे रही है. स्थानीय लोग आरोपी और उसकी बहन को रोकते हुए भी नजर आ रहे हैं. द्वारका के पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि आरोपी ने शुरुआत में खुद को 19 वर्ष का बताया था, लेकिन दस्तावेज की जांच में वह नाबालिग पाया गया.
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