- गृह मंत्री अमित शाह ने वर्ष 2026 की पहली तिमाही में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की बड़ी उपलब्धि की सराहना की है
- जनवरी से मार्च 2026 के दौरान एनसीबी ने 35 मामलों में 73 ड्रग अपराधियों को दोषी ठहराकर सजा दिलाई है
- चार अपराधियों को 20 वर्ष की सजा और 54 को दस या उससे अधिक वर्ष की सजा दी गई है
देश में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की बड़ी उपलब्धि की सराहना की है. अमित शाह ने वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 73 मादक पदार्थ अपराधियों को दोषी ठहराकर कड़ी सजा दिलाने पर एनसीबी को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार युवाओं को नशे के अभिशाप से बचाने के लिए ड्रग तस्करी के गिरोहों का निर्ममता से सफाया कर रही है और उनकी दोषसिद्धि भी सुनिश्चित कर रही है.
तीन महीनों में 73 ड्रग अपराधियों को सजा
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक पोस्ट में कहा कि सरकार पूरी ताकत के साथ नशा तस्करी से जुड़े हर संभावित ठिकाने और उसकी हर गुंजाइश को समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है. उन्होंने कहा कि इस मिशन के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 2026 के पहले तीन महीनों में 73 ड्रग अपराधियों को दोषी ठहराकर सख्त से सख्त सजा दिलाई है और इसके लिए एनसीबी बधाई की पात्र है. वर्ष 2026 की पहली तिमाही यानी जनवरी से मार्च के दौरान एनसीबी ने 35 मामलों में 73 ड्रग अपराधियों को दोषी करार दिलाया.
इनमें से चार अपराधियों को अधिकतम 20 वर्ष की सजा सुनाई गई, जबकि 54 अन्य अपराधियों को 10 वर्ष या उससे अधिक की सजा दी गई. इन दोषियों पर कुल मिलाकर 1.22 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
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दोषियों के मामलों में इजाफा
एनसीबी की मुकदमों की निगरानी पर आधारित रणनीति के चलते दोषसिद्धि दर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह दर 2024 में 60.5 प्रतिशत, 2025 में 65.5 प्रतिशत रही, जो अब 2026 की पहली तिमाही में बढ़कर 68.6 प्रतिशत तक पहुंच गई है. महत्वपूर्ण दोषसिद्धियों में वर्ष 2021 में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर 2.757 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय तस्करी मामला शामिल है. इसके अलावा वर्ष 2022 में फाजिल्का, इंडो‑पाक सीमा पर 4.235 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती के मामले में भी बड़ी सजा सुनाई गई. इन दोनों मामलों में दो विदेशी तस्करों को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी गई है.
हेरोइन और स्यूडोएफेड्रिन मामलों में कड़ी सजा
एक अन्य अहम दोषसिद्धि वर्ष 2023 के स्यूडोएफेड्रिन (pseudoephedrine) डायवर्जन मामले में हुई, जिसमें हरियाणा के सोनीपत स्थित एम/एस आल्प्स लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड शामिल थी. इस मामले में कंपनी के डायरेक्टर समेत तीन आरोपियों को सात वर्ष का कठोर कारावास और प्रत्येक पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. कंपनी को भी दोषी ठहराया गया और उस पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. साथ ही एनसीबी ने कंपनी को स्यूडोएफेड्रिन निर्माण की अनुमति भी वापस ले ली.
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ड्रग कार्टेल तोड़ने की जीरो टॉलरेंस नीति
एनसीबी ने अन्य केंद्रीय और राज्य प्रवर्तन एजेंसियों से अपील की है कि वे ड्रग किंगपिन्स से जुड़े महत्वपूर्ण लंबित मामलों की पहचान करें और उनके खिलाफ प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करें. ड्रग कार्टेल्स को तोड़ने की यह नीति देश में नशा तस्करी की चुनौती से निपटने की प्रवर्तन रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है और यह सरकार की ड्रग्स के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस' नीति की भी पुष्टि करती है.
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