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DND से जेवर एयरपोर्ट तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी, दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम समेत इन शहरों को मिलेगी राहत

दिल्ली-NCR के कई शहरों को जाम के झंझट से राहत मिलने वाली है. DND से जेवर एयरपोर्ट तक 59 किलोमीटर का एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे बन रहा है. जो इन इलाकों को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेंगा.

DND से जेवर एयरपोर्ट तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी, दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम समेत इन शहरों को मिलेगी राहत
  • दिल्ली-एनसीआर का डीएनडी-फरीदाबाद-सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे जेवर एयरपोर्ट को सीधे जोड़ेगा
  • करीब 4463 करोड़ रुपये की लागत से 59 किलोमीटर लंबा छह लेन का हाईस्पीड कॉरिडोर बनाया जा रहा है
  • इस परियोजना के तहत 140 मीटर लंबा नेटवर्क आर्च ब्रिज आगरा नहर पर बनाया जाएगा जो बिना पिलर के मजबूत संरचना होगा
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दिल्ली-एनसीआर का DND-फरीदाबाद-सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे बड़ा गेम चेंजर साबित होने जा रहा है. इस जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोर को NCR की सबसे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में माना जा रहा है. करीब 59 किलोमीटर लंबे इस हाईवे प्रोजेक्ट पर लगभग 4463 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. यह हाईस्पीड 6-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोहना को जोड़ते हुए सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) तक कनेक्टिविटी देगा. इसके शुरु होने से पूर्वी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली और धौलाकुआं के जाम से निजात मिलेगी.

धौलाकुआं को मिलेगी जाम से राहत

उत्तर भारत से दिल्ली एयरपोर्ट आने वाला भारी ट्रैफिक NH-44 और धौला कुआं पर दबाव बढ़ाता है. लेकिन जेवर एयरपोर्ट और नए एक्सप्रेसवे नेटवर्क के शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में वाहन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए सीधे एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे. वहीं दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर एयरपोर्ट जाने वाले लोगों को नोएडा घूमकर नहीं जाना पड़ेगा। नया कॉरिडोर सीधे और तेज रास्ते की सुविधा देगा.

1.25 लाख करोड़ की मदद से दिल्ली का ट्रैफिक होगा सामान्य

केंद्र सरकार का NCR के लिए बड़ा दिल्ली डी-कंजेशन प्लान भी सामने आया है. इसके तहत करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये की सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं. इनमें दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे एक्सटेंशन, UER-II एक्सटेंशन, द्वारका एक्सप्रेसवे टनल, AIIMS-महिपालपुर एलिवेटेड कॉरिडोर और कालिंदी कुंज इंटरचेंज जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं. सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से दिल्ली में जाम, प्रदूषण और यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी.

प्रोजेक्ट के तहत बन रहा खास आर्च ब्रिज

परियोजना की सबसे बड़ी खासियत 140 मीटर लंबा नेटवर्क आर्च ब्रिज है, जिसे आगरा नहर के ऊपर बनाया जा रहा है. इसे दिल्ली-NCR का पहला अत्याधुनिक नेटवर्क आर्च ब्रिज बताया जा रहा है. यह पुल बिना बीच में पिलर लगाए बनाया जा रहा है ताकि नहर का प्रवाह प्रभावित न हो. पुल में स्टील आर्च, क्रॉस हैंगर सिस्टम और हाई-टेक स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसकी मजबूती और भूकंप से सुरक्षा बढ़ जाती है. करीब 2396 मीट्रिक टन स्टील से तैयार इस पुल में हाई डैंपिंग रबर बेयरिंग, स्विवेल एक्सपेंशन जॉइंट और एडवांस्ड स्टील टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ है.

कूड़े के पहाड़ भी हुए कम

इस परियोजना में ओखला और गाजीपुर लैंडफिल साइट के बॉयोमाइनिंग कचरे का भी प्रयोग किया गया है.  प्रोजेक्ट में पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ओखला और गाजीपुर लैंडफिल से निकले करीब 2 लाख मीट्रिक टन बायो-माइनिंग मटेरियल का इस्तेमाल किया गया है. इससे प्राकृतिक मिट्टी पर निर्भरता कम हुई है. इसके अलावा नॉइज बैरियर, लैंडस्केपिंग और बड़े स्तर पर पौधारोपण भी किया जा रहा है.

मेट्रो लाइन के ऊपर भी हुआ निर्माण

यह परियोजना तकनीकी रूप से भी काफी चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कई हिस्सों में दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन के ऊपर और घनी आबादी वाले इलाकों में निर्माण कार्य किया गया है. NHAI के मुताबिक प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दिल्ली-NCR में सफर तेज होगा, लॉजिस्टिक्स मजबूत होंगे और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.

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