
वक्फ बिल पर लंबी चर्चा के बाद अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब दिया. लोकसभा में बोलते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मैं सभी नेताओं को बिल के बारे में अपने विचार रखने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं. कुछ नेता कह रहे हैं कि बिल असंवैधानिक है और मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वे कैसे कह सकते हैं कि बिल असंवैधानिक है. अगर यह असंवैधानिक था, तो अदालत ने इसे रद्द क्यों नहीं किया? उन्होंने ओवैसी के सवालों पर भी पलटवार किया है.
किरेन रिजिजू ने कहा कि असंवैधानिक जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. बिल संविधान के खिलाफ नहीं है, जैसा कि विपक्ष ने दावा किया है. हमें 'संवैधानिक' और 'असंवैधानिक' शब्दों का इस्तेमाल इतने हल्के ढंग से नहीं करना चाहिए.
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कलक्टर का मुख्य काम ही रेवेन्यू, प्रशासन, जिले के प्रबंधन से जुड़ा है. वो किसी पार्टी का नहीं होता. कलक्टर को दी गई जिम्मेदारियों पर आपत्ति करने के बजाय अगर सांसद वक्फ के सही प्रबंधन के बारे में सुझाव देते तो अच्छा रहता.
किरेन रिजिजू ने कहा कि बिल में प्रस्तावित वक्फ को उपयोगकर्ता द्वारा हटाने का कारण अपर्याप्त दस्तावेजीकरण, वक्फ संपत्तियों के स्वामित्व का समर्थन करने वाले डेटा हैं, जिससे विवाद उत्पन्न होते हैं. न्यायाधिकरणों में बड़ी संख्या में विवाद लंबित हैं और हमें यह सुनिश्चित करना है कि यह त्वरित न्याय प्रदान किया जाए.
लोकसभा में बोलते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विभिन्न मुद्दे उठाए और आरोप लगाया कि मुसलमानों के लिए, वक्फ में मुसलमानों के बच्चों के लिए प्रावधान किया जा रहा है. हिंदुओं के लिए कोई प्रावधान क्यों नहीं किया जा रहा है? मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि हिंदुओं के लिए पहले से ही प्रावधान है. इस पर दूसरा कानून बनाने की कोई जरूरत नहीं है.
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