उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली बीजेपी की सरकार की ओर से पेश किया गया 'समान नागरिक संहिता उत्तराखंड 2024 विधेयक' (Uniform Civil Code Uttarakhand 2024 Bill) बुधवार को विधानसभा में पारित हो गया. विधानसभा में यूसीसी (UCC) बिल पास होने के बाद उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करेगा और वह ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी कोई सामान्य बिल नहीं बल्कि आउटस्टेंडिंग बिल है. यह एक सपना है जो हकीकत बनने जा रहा है और इसकी शुरुआत उत्तराखंड से होगी. उन्होंने यूसीसी बिल पास होने पर उत्तराखंड की जनता को बधाई दी. उन्होंने कहा कि इस बिल के साथ इतिहास रचा जा रहा है. यह भारत के अन्य राज्यों के सामने एक उदाहरण पेश करेगा.
सीएम धामी ने यूसीसी पर अपने विचार रखने के लिए विपक्ष सहित सभी विधानसभा सदस्यों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के तौर पर उनके शासनकाल में पहली बार इतनी लंबी चर्चा हुई.
धामी ने वादा किया था कि अगर उनकी सरकार बनी, फिर से सत्ता में आएंगे तो वे यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति बनाएंगे. वह मंजूरी के लिए राज्य विधानसभा में पेश किया जाएगा और फिर इसे लागू किया जाएगा.
ऐतिहासिक समान नागरिक संहिता विधेयक-2024 विधानसभा में पारित..
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 7, 2024
माँ गंगा व यमुना की उद्गम स्थली देवभूमि उत्तराखण्ड से निकली UCC के रूप में समानता और समरूपता की यह अविरल धारा संपूर्ण देश का पथ प्रदर्शित करेगी। यह विधेयक मातृशक्ति के सम्मान एवं उनकी सुरक्षा के प्रति हमारी सरकार की… pic.twitter.com/0nfGBA3L3C
धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने जो कमेटी बनाई, उसने उत्तराखंड के लोगों से यूसीसी के बारे में बात की, यह जानने के लिए कि सार्वजनिक सुझाव क्या हैं. इसकी शुरुआत माणा गांव से की गई. यूसीसी पर उत्तराखंड के लोगों से 2,72,000 सुझाव मिले.
धामी ने कहा कि, कमेटी को यूसीसी पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट बनाने में करीब दो साल लग गए. उनकी सरकार को दो फरवरी को यह प्राप्त हुई और उन्होंने बिना समय बर्बाद किए इसे पांच फरवरी को राज्य विधानसभा में पेश किया. उन्होंने कहा कि, यूसीसी न केवल उत्तराखंड के लोगों के लिए सभी संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करेगा बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि वे पूरी तरह से लागू हों और लोगों को कानूनी सुरक्षा मिले.
उन्होंने कहा कि यूसीसी विभिन्न समुदायों में सभी कुप्रथाओं को खत्म करेगा. उनसे पीड़ित सभी लोगों के लिए कानूनी और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करेगा. यूसीसी पूरी तरह से अलग है और सभी जातियों, धर्मों, संप्रदायों आदि से ऊपर है. यह बिना किसी भेदभाव के सभी को समान अधिकार देगा और सभी की प्रगति सुनिश्चित करेगा.
मुख्यमंत्री धामी ने यूसीसी बिल का सही मूल्यांकन करने के लिए सभी को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है और अभी बहुत कुछ होना बाकी है. उन्होंने कहा कि भारत का संविधान विविधतापूर्ण है और हमें बहुत कुछ सिखाता है. हमें वोट-बैंक की राजनीति से ऊपर उठना चाहिए और उत्तराखंड और भारत के लोगों की भलाई के लिए काम करना चाहिए.
मुख्यमंत्री धामी ने शाह बानो मामला, सायरा बानो मामला का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं के साथ गलत व्यवहार होता रहा, उन्हें न्याय से वंचित क्यों किया गया, उन्हें परेशान क्यों किया गया? इसका अब अंत हो जाएगा.
धामी ने कहा कि, जैसा कि पीएम मोदी जी ने कहा है, यह परिवर्तन और प्रगति का समय है. यूसीसी माताओं, बहनों और बेटियों का ख्याल रखेगा और उनके साथ होने वाले गलत कामों को रोकेगा. उन्होंने कहा कि यूसीसी सही मायने में भारत की करीब 50 फीसदी आबादी (महिलाओं) को समानता प्रदान करेगा और इसकी शुरुआत उत्तराखंड से होगी.
सीएम धामी ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व समाज के सभी वर्ग के लोगों के साथ अन्याय करते रहे. वे विभिन्न आधारों पर लोगों को बांटते रहे. यह अब खत्म हो जाएगा और इनका अंत उत्तराखंड से शुरू होगा.
उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माता बाबा भीम राव अंबेडकर को भी याद किया. उन्होंने कहा कि इसमें उल्लिखित कुछ धाराओं का कुछ असामाजिक, राष्ट्रविरोधी लोगों द्वारा समय-समय पर दुरुपयोग किया जाता रहा है.
धामी ने कहा कि, भारतीय संविधान में कुछ गलतियां हुई हैं जिन्हें अब सुधारने की जरूरत है. वह बाबा साहब अंबेडकर के सपने को पूरा करते हुए उस दिशा में काम कर रहे हैं. अब यूसीसी के माध्यम से सभी को समान न्याय मिलेगा जो आज तक वंचित रहा.
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को धैर्यपूर्वक सभी विपक्षी सदस्यों, कैबिनेट मंत्रियों की बात सुनने और यूसीसी के लिए आयोजित इस ऐतिहासिक विशेष सत्र की अध्यक्षता करने के लिए धन्यवाद दिया.
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