- ईस्ट सियांग जिले में कई सड़कें बह गईं हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क राज्य के अन्य हिस्सों से टूट गया है
- मौसम विभाग ने कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है और यात्रा को लेकर सुरक्षा सलाह भी प्रदान की है
- भूस्खलन और मिट्टी खिसकने से कई अहम रास्ते पूरी तरह बंद हो गए हैं, जिससे स्थानीय कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है
अरुणाचल प्रदेश में बीते कई दिनों से लागातर हो रही बारिश ने जनजीवन को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है. लगातार बारिश की वजह से कई इलाकों का संपर्क राज्य के दूसरे इलाकों से टूट गया है. कई इलाकों में बादल फटने की घटना से तबाही जैसा मंजर है. अरुणाचल प्रदेश से फ्लैश फ्लड (बादल फटने) की जो तस्वीरें सामने आई हैं वो बेहद डराने वाली हैं.आपको बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में बीते एक हफ़्ते के अंदर बादल फटने की दूसरी घटना है. बादल फटने की वजह से ईस्ट सियांग और लेपाराडा ज़िले सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं. ईस्ट सियांग में 9 मुख्य सड़कें या तो बंद हो गईं या बह गई हैं.
IMD ने कई ज़िलों में रेड अलर्ट जारी किया
मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों में लगातार बारिश होने का अलर्ट भी जारी किया है. विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यात्रा और ट्रैफिक को लेकर एक एडवाइजरी भी जारी की है. राज्य के ईस्ट सियांग और लेपाराडा ज़िलों में मॉनसून की भारी बारिश और उसके बाद बादल फटने से ज़बरदस्त बाढ़ आ गई है. ज़िला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, ईस्ट सियांग ज़िले में नौ मुख्य सड़कें (जो जीवन रेखा मानी जाती हैं) पूरी तरह से बंद हो गईं या बह गईं.कई जगहों पर तेज बहाव के बीच फंसे लोगों को भी रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया है.
मलबा हटाने का काम तेजी से चलाया जा रहा
निगरानी की जा रही 11 अहम सड़कों में से, इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें सिर्फ़ दो रास्तों को ही साफ़ कर पाई हैं. टेरोंग-कोरोंग-मेबो रोड और JNC लोअर कैंपस से अपर कैंपस रोड; ये दोनों अब ट्रैफ़िक के लिए खुल गए हैं. IMD अधिकारियों के अनुसार अरुणाचल प्रदेश में सोमवार तक 200 मिमी से ज़्यादा बारिश होने की संभावना है.लोगों को सुरक्षा उपाय अपनाने और बहुत ज़रूरी न होने पर यात्रा न करने की सलाह दी गई थी.
बाढ़ और बारिश का सबसे ज्यादा असर बुनियादी ढांचे पर पड़ता दिख रहा है. कई इलाकों में तो सड़के तक बह गई हैं. सबसे ज्यादा नुकसान पासीघाट-रुन्ने-ताकिलालग रोड पर हुआ है, जहां लेतोंग ब्रिज का बायां हिस्सा (LHS) बाढ़ के तेज़ पानी में पूरी तरह बह गया है, जिससे आवाजाही पूरी तरह कट गई है. इसके अलावा, अधिकारियों ने घोषणा की है कि पासीघाट-यागरुंग-लेडुम-टेने (PLT) रोड को अगले आदेश तक आधिकारिक तौर पर बंद माना जाएगा.
ज़िला अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे गैर-ज़रूरी यात्रा से बचें और भूस्खलन की आशंका वाले ढलानों और उफनती नदियों के किनारों से दूर रहें. मलबा हटाने के लिए भारी मशीनें तैनात की गई हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश से बहाली के काम में भारी रुकावट आ रही है. इस बीच, पासीघाट हाईवे डिवीज़न ने एक औपचारिक ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है. इसमें NH-13 पर रेन्गिंग और येम्बुंग के बीच लगातार हो रहे रॉकफॉल (चट्टानें गिरने) और ज़मीन धंसने की वजह से भारी रुकावटों के बारे में बताया गया है. विभाग ने युद्ध स्तर पर कर्मचारियों और मशीनों को तैनात किया है, लेकिन लोगों से अपील की है कि वे गैर-ज़रूरी यात्रा से बचें, सिर्फ़ दिन के उजाले में ही यात्रा करें और लैंडस्लाइड वाले सक्रिय इलाकों में गाड़ियां पार्क करने से सख्ती से बचें.
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