- संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण पर चर्चा हो रही है जिसमें विपक्षी दल परिसीमन को लेकर सवाल उठा रहे हैं.
- PM मोदी ने परिसीमन प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि यह किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी और गारंटी दी है.
- मोदी ने इस बिल को राजनीति से अलग राज्यहित का फैसला बताते हुए नारी शक्ति की भागीदारी पर जोर दिया है.
गुरुवार से शुरू हुए संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पर चर्चा हो रही है. लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने से जुड़े इस अधिनियम को लेकर विपक्षी दल परिसीमन को लेकर सवाल उठा रहे हैं. विपक्षी दलों की आशंकाओं पर पीएम मोदी ने संसद में कहा- यह प्रक्रिया (परिसीमन) किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी. यह मोदी की गारंटी है.
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर कहा, "मैं आज जिम्मेदारी के साथ सदन में कहना चाहता हूं कि चाहे दक्षिण हो, उत्तर हो, पूर्व हो, पश्चिम हो, छोटे राज्य हों या बड़े, मैं जिम्मेदारी के साथ कहना चाहता हूं कि यह निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भी भेदभाव नहीं करेगी. यह निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी. भूतकाल में जो सरकारें रही और जिनके कालखंड में जो परिसीमन हुआ और जो अनुपात चला आ रहा है, उस अनुपात में भी कोई बदलाव नहीं होगा और वृद्धि भी उसी अनुपात में होगी."
#WATCH | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर कहा, "मैं आज जिम्मेदारी के साथ सदन में कहना चाहता हूं कि चाहे दक्षिण हो, उत्तर हो, पूर्व हो, पश्चिम हो, छोटे राज्य हों या बड़े, मैं जिम्मेदारी के साथ कहना चाहता हूं कि यह निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भी… pic.twitter.com/Id1h52QR3V
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 16, 2026
इसे राजनीति के तराजू में मत तौलिएः पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, "इसको राजनीति के तराजू से मत तौलिए. ये राज्यहित का फैसला है. एक साथ बैठकर एक दिशा में सोचकर विकसित भारत बनाने में हमारी नारी शक्ति की भागदारी को एक खुले मन से निर्णय करने का अवसर है, स्वीकार करने का अवसर है. आज पूरा देश विशेषकर नारी शक्ति हमारे निर्णय तो देखेंगी लेकिन निर्णय से ज्यादा हमारी नीयत को देखेंगी. इसलिए हमारी नीयत की खोट देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेंगी. 2023 में इस नए सदन का हमने सर्वसम्मति से इस विधेयक को स्वीकार किया था."
यह प्रक्रिया किसी के साथ अन्याय नहीं करेगीः पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, 2029 में हमारे पास अवसर है, अगर हम 29 में भी नहीं करते हैं तो स्थिति क्या बनेगी? हम कल्पना कर सकते हैं. हम देश की माताओं-बहनों में यह विश्वास नहीं बना पाएंगे कि हम सचमुच में प्रयास करते हैं. हम ज्यादा विलंब न करें, इस दौरान राजनीतिक दल के लोगों से संविधान के जानकार लोगों से चर्चाएं की. एक बात जरूर कहना चाहता हूं. सदन में पवित्र जगह से कहना चाहता हूं दक्षिण, पश्चिम, पूरब, उत्तर दक्षिण राज्य हो. ये निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भी अन्याय नहीं करेगी.
आपको गारंटी चाहिए तो वो भी देता हूं...
पीएम मोदी बोले- अगर आपको गारंटी चाहिए तो वो भी देता हूं. मैं कहना चाहूंगा कि यहां बैठ कर हमें संविधान ने देश को टुकड़ों के रूप में सोचने का अधिकार ही नहीं दिया है. कश्मीर हो या कन्याकुमारी हम एक देश के रूप में ही इसे सोच सकते हैं. ये प्रक्रिया किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी.
Speaking in the Lok Sabha. https://t.co/AsiBPaaoEg
— Narendra Modi (@narendramodi) April 16, 2026
नीयत साफ है तो शब्दों से खेल करने की जरूरत नहींः पीएम मोदी
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भूतकाल में जो सरकार रहीं, जो उस समय से अनुपात चला आ रहा है उसमें भी बदलाव नहीं होगा. पीएम मोदी ने कहा कि अगर गांरटी शब्द चाहिए तो मैं वह शब्द भी उपयोग करता हूं, वादा की बात करते हो तो उसे भी इस्तेमाल करता हूं. तमिल में कोई शब्द हो तो मैं उसे भी कहता हूं, क्योंकि जब नीयत साफ है तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है.
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